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इंजीनियरों ने घोड़े से आकर किया मुआयना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Mon, 11 May 2015 11:27 PM IST
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लोनिवि के मुख्य अभियंता (सीई) केके श्रीवास्तव ने पिंडरघाटी में हो रहे निर्माण कार्योें का मुआयना किया। रास्ते खराब होने के कारण इंजीनियरों के दल को घोड़े में सवार होकर आना पड़ा। उन्हाेंने अधिशासी अभियंता (ईई) को विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर को जाने वाले रास्ते के गांव खाती से द्वाली पैदल मार्ग को 25 मई तक खोलने को कहा। पिंडर के ऊपर रिटिंग द्वाली में लोगों की सुविधा के लिए ट्राली लगाने के निर्देश दिए।
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लोनिवि के सीई श्रीवास्तव ने दो साल पहले पिंडर नदी में आई भीषण बाढ़, भूस्खलन से ध्वस्त पिंडारी पैदल मार्ग, पैदल पुलों का देखा। उन्होंने पिंडारी पैदल रास्ते के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। कहा कि पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। इसलिए खाती से द्वाली तक के पैदल मार्ग को 25 मई तक सुधारा जाना चाहिए। इसके लिए ठेकेदारों से कहा कि वह मजदूरों की संख्या बढ़ाएं।
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ईई हरीश पांगती को निर्देश दिए कि वह रास्ते को दुरुस्त करने के लिए अन्य क्षेत्रों में कार्यरत गेंग मजदूरों को काम पर लगवाएं। मार्ग को लेकर सैलानियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निकलिया धारा, लेहबगड़ में पिंडर के ऊपर निर्माणाधीन झूला पुल का मुआयना किया। उन्होंने इंजीनियरों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि पुल से बरसात में आवागमन शुरू हो सके। उन्होंने ईई को निर्देश दिए कि द्वाली गांव के रिटिंग तोक में ट्राली लगवाएं।
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सभी निर्माण कार्यों का निर्माण समय रहते पूरा करवाएं। स्थलीय निरीक्षण करके कार्य प्रगति से उन्हें अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि समयबद्धता, गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न किया जाएगा। इस दल में एसई एनपी पांडे, जेई डीएस बधानी समेत ठेकेदार भी शामिल थे।