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निजी टैक्सियों पर निर्भर सात हजार की आबादी
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बागेश्वर के धरमघर में टैक्सी में सवार होते लोग।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले के बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर रोडवेज की बस दो साल से तो केमू की बस पिछले छह महीने से नहीं चल रही है। बालीघाट, दोफाड़, बनलेख, रीमा पचार, कोटदन्या, धरमघर आदि गांवों के लोगों को टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ता है। रोडवेज और केमू की बसों के संचालन बंद होने से लोगों को महंगा किराया चुकाना पड़ रहा है।
बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर पहले रोडवेज और केमू की बस सेवाएं चलती थी। जिससे लोगों जिला मुख्यालय आने जाने में दिक्कतें नहीं होती थी। अब इस रूट पर न तो रोडवेज बस चल रही है न केमू बस। जिससे लोग खासे परेशान है। लोगों का कहना है कि कई बार समय पर टैक्सी नहीं मिलने की वजह से लोगों को वाहन की बुकिंग करानी पड़ती है। दुंगा-बास्तोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज जोशी ने बताया कि इस रूट पर सात-आठ टैक्सियां चलती हैं। सुबह छह बजे के बाद निजी टैक्सियों की आवाजाही शुरू होती है, जो दोपहर दो बजे तक रहती है। इसके बाद लोगों को वाहन नहीं मिल पाते हैं।
लोग बोले
-वाहन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। निजी टैक्सियों में महंगा किराया देना पड़ता है, बसों का संचालन होने से किराये में राहत मिलेगी। सबसे अधिक दिक्कत दोपहर बाद वाहन नहीं मिलने से होती है।
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आनंद सिंह भाकुनी, बनलेख
-बनलेख-धरमघर सड़क में यातायात सुविधा का अभाव है। इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। टैक्सियों का किराया महंगा है। बसों के संचालन से पैसे की बचत होगी।
योगेश जोशी, अक्सोड़ा
-पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों का क्षेत्र में संचालन नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों का संचालन होने से गरीब लोगों को आवाजाही करने में सहूलियत होगी।
खड़क सिंह चौहान, गडेरा
अधिकारी बोले...
बसों का अभाव होने से बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर बस का संचालन बंद किया गया। इस रूट पर बस के संचालन की तैयारी की जा रही है। -गजेंद्र सिंह कठायत सहायक महाप्रबंधक रोडवेज अल्मोड़ा
बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर छह माह पहले तक केमू बस चलाई जाती थी। लेकिन इस रूट पर बस के तेल का खर्चा तक नहीं निकल पा रहा था, जिस वजह से संचालन बंद कर दिया गया। डीडी जोशी केमू स्टेशन प्रभारी बागेश्वर
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बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर पहले रोडवेज और केमू की बस सेवाएं चलती थी। जिससे लोगों जिला मुख्यालय आने जाने में दिक्कतें नहीं होती थी। अब इस रूट पर न तो रोडवेज बस चल रही है न केमू बस। जिससे लोग खासे परेशान है। लोगों का कहना है कि कई बार समय पर टैक्सी नहीं मिलने की वजह से लोगों को वाहन की बुकिंग करानी पड़ती है। दुंगा-बास्तोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज जोशी ने बताया कि इस रूट पर सात-आठ टैक्सियां चलती हैं। सुबह छह बजे के बाद निजी टैक्सियों की आवाजाही शुरू होती है, जो दोपहर दो बजे तक रहती है। इसके बाद लोगों को वाहन नहीं मिल पाते हैं।
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लोग बोले
-वाहन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। निजी टैक्सियों में महंगा किराया देना पड़ता है, बसों का संचालन होने से किराये में राहत मिलेगी। सबसे अधिक दिक्कत दोपहर बाद वाहन नहीं मिलने से होती है।
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आनंद सिंह भाकुनी, बनलेख
-बनलेख-धरमघर सड़क में यातायात सुविधा का अभाव है। इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। टैक्सियों का किराया महंगा है। बसों के संचालन से पैसे की बचत होगी।
योगेश जोशी, अक्सोड़ा
-पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों का क्षेत्र में संचालन नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों का संचालन होने से गरीब लोगों को आवाजाही करने में सहूलियत होगी।
खड़क सिंह चौहान, गडेरा
अधिकारी बोले...
बसों का अभाव होने से बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर बस का संचालन बंद किया गया। इस रूट पर बस के संचालन की तैयारी की जा रही है। -गजेंद्र सिंह कठायत सहायक महाप्रबंधक रोडवेज अल्मोड़ा
बागेश्वर-बनलेख-धरमघर रूट पर छह माह पहले तक केमू बस चलाई जाती थी। लेकिन इस रूट पर बस के तेल का खर्चा तक नहीं निकल पा रहा था, जिस वजह से संचालन बंद कर दिया गया। डीडी जोशी केमू स्टेशन प्रभारी बागेश्वर