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सदानीरा सरयू संकट में, नदी में पानी न के बराबर
Wed, 30 Jan 2019 11:13 PM IST
Almora desk
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
Published by: Almora desk
Updated Wed, 30 Jan 2019 11:13 PM IST
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कपकोट के सलिंग में सदानीरा का का हाल।
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं की सदानीरा सरयू नदी में पिछले कुछ दिन से न के बराबर पानी है। गांव वालों का आरोप है कि यहां स्थित जल विद्युत कंपनी ने नदी का सारा पानी रोक लिया है। उधर, कंपनी प्रबंधक का कहना है कि नियमों के मुताबिक नदी में 15 प्रतिशत तक पानी छोड़ा जा रहा है। लोगों ने दो दिन में समस्या न सुलझने पर पावर कंपनी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
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कुमाऊं की प्रमुख नदियों में शामिल सरयू नदी में इतना कम पानी है कि नदी तल में पत्थर ही पत्थर दिख रहे हैं। लोगों का कहना है कि पानी इतना कम है कि नदी में स्नान करना तक मुश्किल हो गया है। शवदाह के समय सबसे अधिक परेशानी होती है। पानी कम होने से मछलियों भी संकट में है।
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सरमूल सौधारा, भद्रतुंगा विकास और सरयू संरक्षण समिति के प्रभारी अध्यक्ष भगवत कोरंगा, सचिव कमला कुमल्टा आदि का आरोप है कि यहां संचालित उत्तर भारत हाइड्रो पावर कंपनी नदी का पूरा पानी सुरंग में डायवर्ट कर रही है। डोडिला और रीठाबगड़ में टरबाइन हैं और इसके लिए सलिंग में बांध बनाया गया है। इनकी ओर से 48 घंटे के अंदर नदी में निर्धारित मात्रा में पानी न छोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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उधर, उत्तर भारत हाइड्रो पावर कंपनी के प्रबंधक कमलेश जोशी का कहना है कि एनजीटी और केंद्र सरकार के बीच हुए करार के तहत नदी में दस से 15 प्रतिशत तक पानी हमेशा छोड़ा जाता है। शवदाह की सूचना मिलने पर दो घंटे तक नदी का पानी रोका ही नहीं जाता है।