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Bageshwar News: रोटेशन ने बिगाड़ी व्यवस्था, जिला अस्पताल से बिना जांच लाैटे 40 मरीज

Sat, 29 Nov 2025 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sat, 29 Nov 2025 11:51 PM IST
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Rotation spoiled the system, 40 patients returned from the district hospital without examination
बागेश्वर। जिले में स्वास्थ्य विभाग का रवैया मनमाना प्रतीत होता है। अस्पताल प्रशासन ने इतनी भी जहमत उठाने की नहीं सोची की मरीजों को इस बात की जानकारी कहां से होगी कि शुक्रवार को जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट उपलब्ध रहेंगे या नहीं, उनकी ड्यूटी कांडा सीएचसी में रहेगी।
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इस अव्यवस्था का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सीएचसी कांडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति न होने के बाद भी वहां सप्ताह में शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड होते हैं। यहां शुक्रवार को केंद्र में पूरे दिन केवल एक अल्ट्रासाउंड हुआ जबकि रेडियोलॉजिस्ट के जिला अस्पताल में उपलब्ध न होने से 40 से अधिक मरीज और गर्भवतियों को बगैर अल्ट्रासाउंड वापस लौटना पड़ा।
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जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी से अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित हो रही है। तीन लाख से अधिक की आबादी अल्ट्रासाउंड के लिए एक रेडियोलॉजिस्ट और एक सोनोलॉजिस्ट के भरोसे है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। सीएचसी बैजनाथ में तैनात रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में पांच दिन जिला अस्पताल और शुक्रवार को कांडा में मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड करते हैं। सीएचसी कपकोट में तैनात सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन सीएचसी कपकोट और तीन दिन सीएचसी बैजनाथ में अल्ट्रासाउंड की सेवा देते हैं।
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28 नवंबर को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचे मरीजों और गर्भवतियों को बिना जांच के वापस जाना पड़ा। इसका कारण जिला अस्पताल के रेडियाेलॉजिस्ट का शुक्रवार को व्यवस्था के तहत कांडा में जांच करना है।
कांडा में रेडियोलॉजिस्ट तो पहुंचे लेकिन पूरे दिन जांच कराने आने वालों का इंतजार करते रह गए। कांडा में विशेषज्ञ न होने से अल्ट्रासाउंड कराने के बाद उसकी जांच कराने के लिए मरीजों और गर्भवतियों को जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इसके कारण अधिकांश मरीज जिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड कराने को वरीयता देते हैं।


विभाग और जनप्रतिनिधियों के मैनेजमेंट का शिकार हो रहे मरीज
जिले में अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए लोगों को हो रही परेशानी के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और विभाग हैं। जिन्होंने जिले के तीनों सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो स्थापित कराई लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी दूर नहीं हुई। साथ ही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की जांच कराने और जांच के बाद रिपोर्ट का आकलन करने के लिए तीनों केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को टोटा है। इससे पूरे जिले में कहीं भी नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि इस व्यवस्था को उपलब्धि के तौर बता रहे हैं।



जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते इस व्यवस्था को बनाया गया है। कांडा में अधिकांश दिनों में 10 से अधिक अल्ट्रासाउंड होते हैं। शुक्रवार को एक ही मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए क्यों पहुंचा इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।

-डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर
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