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हिमालयी क्षेत्र के खाती गांव के लिए बन रही सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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बागेश्वर के खातीगांव के लिए बनी सड़क पर कीचड़ में फंसा वाहन। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। आजादी के 74 साल बाद हिमालयी क्षेत्र के खाती गांव के लिए बन रही सड़क की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने विभाग पर सर्वे के विपरीत सड़क पर हेयरपिन बैंड और एसबैंड बनाने के साथ ही मानकों के अनुसार सड़क को न काटने का आरोप लगाया है।
लंबी जद्दोजहद के बाद पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित जैविक ग्राम खाती के लिए खर्किया से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2020 में 6 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई। 2020 के अंत से सड़क का निर्माण शुरू हो गया था। सड़क खाती गांव तक कट गई है। गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क को कटी के स्थान पर खुदी कहा जा सकता है। सड़क काफी ऊबड़खाबड़ काटी गई है। सड़क कटने के बाद वाहनों की आवाजाही भी सड़क पर लोग करने लगे हैं क्योंकि खर्किया से खाती गांव जाने के लिए पांच किमी पैदल चलना पड़ता है। पैदल दूरी से बचने के लिए लोग चौपहिया वाहन जोखिम लेकर चला रहे हैं। हालांकि अभी सड़क निर्माणाधीन है। वाहन संचालन के लिए पास नहीं हुई है।
छह किमी लंबी सड़क के पहले स्टेज के लिए 3.70 करोड़ और दूसरे स्टेज के लिए 2.60 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। पहले चरण में सड़क की कटिंग की जाती है। दूसरे चरण में डामरीकरण का काम होता है। खाती गांव के प्रधान कैलाश सिंह दानू, सामाजिक कार्यकर्ता तारा सिंह दानू, विशन सिंह, बची राम, प्रकाश सिंह, नरेश सिंह, प्रेम सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क पर सर्वे के विपरीत एस और हेयरपिन बैंड बना दिए गए हैं। सड़क सात मीटर चौड़ा बननी थी लेकिन कई स्थानों पर छह ही मीटर काटी गई है। कहा कि गांव के लोगों के संघर्ष के बाद सड़क बन रही है। अनियमितता सहन नहीं की जाएगी। विभाग ने कमियां दूर नहीं की तो गांव के लोग आंदोलन छेड़ देंगे।
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खाती सड़क पर पहले स्टेज का कार्य हो रहा है। सड़क को अलाइनमेंट के अनुसार ही बनाया जा रहा है। कहीं पर ठेकेदार ने पोकलैंड ले जाने के लिए हेयरपिन बैंड बना दिए होंगे। सड़क सर्वे के अनुसार ही बनेगी। पहले स्टेज का काम होने के बाद दूसरे स्टेज में डामरीकरण का कार्य किया जाएगा।
अनिल कुमार ईई पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट
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लंबी जद्दोजहद के बाद पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित जैविक ग्राम खाती के लिए खर्किया से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2020 में 6 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई। 2020 के अंत से सड़क का निर्माण शुरू हो गया था। सड़क खाती गांव तक कट गई है। गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क को कटी के स्थान पर खुदी कहा जा सकता है। सड़क काफी ऊबड़खाबड़ काटी गई है। सड़क कटने के बाद वाहनों की आवाजाही भी सड़क पर लोग करने लगे हैं क्योंकि खर्किया से खाती गांव जाने के लिए पांच किमी पैदल चलना पड़ता है। पैदल दूरी से बचने के लिए लोग चौपहिया वाहन जोखिम लेकर चला रहे हैं। हालांकि अभी सड़क निर्माणाधीन है। वाहन संचालन के लिए पास नहीं हुई है।
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छह किमी लंबी सड़क के पहले स्टेज के लिए 3.70 करोड़ और दूसरे स्टेज के लिए 2.60 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। पहले चरण में सड़क की कटिंग की जाती है। दूसरे चरण में डामरीकरण का काम होता है। खाती गांव के प्रधान कैलाश सिंह दानू, सामाजिक कार्यकर्ता तारा सिंह दानू, विशन सिंह, बची राम, प्रकाश सिंह, नरेश सिंह, प्रेम सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क पर सर्वे के विपरीत एस और हेयरपिन बैंड बना दिए गए हैं। सड़क सात मीटर चौड़ा बननी थी लेकिन कई स्थानों पर छह ही मीटर काटी गई है। कहा कि गांव के लोगों के संघर्ष के बाद सड़क बन रही है। अनियमितता सहन नहीं की जाएगी। विभाग ने कमियां दूर नहीं की तो गांव के लोग आंदोलन छेड़ देंगे।
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खाती सड़क पर पहले स्टेज का कार्य हो रहा है। सड़क को अलाइनमेंट के अनुसार ही बनाया जा रहा है। कहीं पर ठेकेदार ने पोकलैंड ले जाने के लिए हेयरपिन बैंड बना दिए होंगे। सड़क सर्वे के अनुसार ही बनेगी। पहले स्टेज का काम होने के बाद दूसरे स्टेज में डामरीकरण का कार्य किया जाएगा।
अनिल कुमार ईई पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट