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कब आएगी बागेश्वर रेल सवाल के साथ किया प्रदर्शन
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बागेश्वर में रेल लाइन निर्माण की मांग के लिए प्रदर्शन करते संघर्ष समिति के लोग। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति ने कब आएगी रेल सवाल के साथ रविवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। रेल लाइन के धीमे सर्वे पर नाराजगी जताई।
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफोटी के नेतृत्व में तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। दफौटी ने कहा कि अंग्रेजों ने 1911-12 में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण का सपना दिखाया था, तब सर्वे भी हो गया था। देश की आजादी के बाद रेल लाइन के निर्माण के प्रति ध्यान नहीं दिया गया। घोषणा तो कई बार हुई लेकिन बात सर्वे से आगे नहीं बढ़ी।
संघर्ष समिति के हयात सिंह मेहता, शोबन सिंह सुगड़ा, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, केशवानंद जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा, हेमा जोशी, भावना रावत ने कहा कि सर्वे के लिए भारत सरकार ने एक एजेंसी को 29 करोड़ रुपये दिए हैं। नवंबर तक सर्वे पूरा होना था लेकिन अब तक नाममात्र का सर्वे हुआ है। जल्द सर्वे पूरा न हुआ तो आंदोलन करेंगे।
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संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफोटी के नेतृत्व में तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। दफौटी ने कहा कि अंग्रेजों ने 1911-12 में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण का सपना दिखाया था, तब सर्वे भी हो गया था। देश की आजादी के बाद रेल लाइन के निर्माण के प्रति ध्यान नहीं दिया गया। घोषणा तो कई बार हुई लेकिन बात सर्वे से आगे नहीं बढ़ी।
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संघर्ष समिति के हयात सिंह मेहता, शोबन सिंह सुगड़ा, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, केशवानंद जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा, हेमा जोशी, भावना रावत ने कहा कि सर्वे के लिए भारत सरकार ने एक एजेंसी को 29 करोड़ रुपये दिए हैं। नवंबर तक सर्वे पूरा होना था लेकिन अब तक नाममात्र का सर्वे हुआ है। जल्द सर्वे पूरा न हुआ तो आंदोलन करेंगे।
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