बागेश्वर। बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने सामरिक महत्व की रेल लाइन का निर्माण इसी सत्र में करवाने की मांग की।
रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष दफौटी ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में सर्वे होने के बावजूद अब तक रेल मार्ग का निर्माण शुरूनहीं हो सका है। केंद्र की सरकार लगातार सर्वे करवा रही है। वर्तमान में ब्रॉड लाइन सर्वे कराने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्र चीन और नेपाल की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। रेल लाइन का निर्माण होगा तो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी। वहीं जिले से महानगरों और सेना में नौकरी कर रहे लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। रेल लाइन बनेगी तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पहाड़ों में रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। संघर्ष समिति ने सरकार से जल्द से जल्द सर्वे का काम पूरा करवाने और वर्ष 2022-23 के वित्तीय वर्ष में रेल लाइन का निर्माण शुरू करवाने की मांग की। वहां पर लक्ष्मी धर्मशक्तू, हयात सिंह मेहता, सोबन सिंह सुगड़ा, रतन सिंह शाही, सरस्वती गैलाकोटी, अर्जुन सिंह बनकोटी, हेमा जोशी आदि थे।