{"_id":"62bb4f1ef954c46182261752","slug":"protest-bageshwar-news-hld4673801150","type":"story","status":"publish","title_hn":"खड़िया खनन के विरोध में कर्मी के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खड़िया खनन के विरोध में कर्मी के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
बागेश्वर के कलक्ट्रेट में खड़िया खान के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मी और दोबाड़ के ग्रामीण। संव?
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। कपकोट के कर्मी गांव में खड़िया माइन लगाने का विरोध तेज हो गया है। कर्मी और दोबाड़ के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर कर्मी गांव के पैराड़ और दोबाड़ गांव के तोली तोक में खड़िया खान की अनुमति को निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने केे चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि क्षेत्र पैराड़ और तोली के ग्रामीण लंबे समय से खड़िया खान स्थापित करने का विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद गांव में खान स्थापित करने की अनुमति दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। जुुलाई में भारी भूस्खलन के कारण गांव को भारी नुकसान हुआ था। उस घटना में 37 लोगों और कई मवेशियों की जान चली चल गई थी। हर साल बारिश के दौरान गांव में भूस्खलन की घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद गांव में खड़िया खान की स्थापना करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में खड़िया की खान लगाने की अनुमति मिली तो आने वाले समय में गांव के लिए खतरा पैदा हो सकता है। खनन से जमीन को नुकसान होगा जिस कारण गांव के अस्तित्व पर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने परेशानी को देखते हुए जल्द खड़िया खनन की अनुमति को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर ग्राम प्रधान कौशल्या देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला दानू, दीवान सिंह, कल्याण सिंह, हंसा देवी, द्रोपदी देवी, खष्टी देवी, मान सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि क्षेत्र पैराड़ और तोली के ग्रामीण लंबे समय से खड़िया खान स्थापित करने का विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद गांव में खान स्थापित करने की अनुमति दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। जुुलाई में भारी भूस्खलन के कारण गांव को भारी नुकसान हुआ था। उस घटना में 37 लोगों और कई मवेशियों की जान चली चल गई थी। हर साल बारिश के दौरान गांव में भूस्खलन की घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद गांव में खड़िया खान की स्थापना करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में खड़िया की खान लगाने की अनुमति मिली तो आने वाले समय में गांव के लिए खतरा पैदा हो सकता है। खनन से जमीन को नुकसान होगा जिस कारण गांव के अस्तित्व पर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने परेशानी को देखते हुए जल्द खड़िया खनन की अनुमति को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर ग्राम प्रधान कौशल्या देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला दानू, दीवान सिंह, कल्याण सिंह, हंसा देवी, द्रोपदी देवी, खष्टी देवी, मान सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन