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डायट प्रवक्ता की कविता को राज्य निर्वाचन अधिकारी से मिली सराहना
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डॉ. राजीव जोशी।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। डायट प्रवक्ता और मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण देने वाले डॉ. राजीव जोशी की पीठासीन और मतदान कार्मिकों पर लिखी एक कविता इन दिनों चर्चा में है। पकड़ तू थैला उठा मशीन, चल रे भय्या पीठासीन... शीर्षक से लिखी यह कविता भारत निर्वाचन आयोग की पत्रिका माई वोटर मैटर में प्रकाशित होने के लिए भी भेजी गई है।
डॉ. जोशी ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहलेे यह कविता रची थी। इस दौरान उन्होंने इलेक्शन ड्यूटी और राजू बन गया वोटर मैन शीर्षक से कहानियां भी लिखी। उस समय लिखी कविता को वर्तमान परिप्रेक्ष्य के सापेक्ष संशोधित किया गया है। डॉ. जोशी प्रशिक्षण के दौरान भी पीठासीन और मतदान अधिकारियों को इस कविता के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि कविता के माध्यम से पीठासीन अधिकारी के कार्य और जिम्मेदारियों को रेखांकित किया गया है। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी ने डॉ. जोशी की कविता और लेखन की सराहना की।
पकड़ तू थैला उठा मशीन, चल रे भय्या पीठासीन
सभी सामग्री इक इक गिनकर, अंतिम दिन की ट्रेनिंग लेकर
सील सुभिन्नक दफ्ती स्याही, अड्रेस टेग और दियासलाई
नामावली और डायरी, लेखा अड्वान्स टी ए का लेकर पैसा,
चैक मेमो से इन्हें मिलाना, घबरा मत तू नहीं अकेला
होंगे तेरे साथी तीन, चल रे भय्या पीठासीन.....
सेक्टर जोनल पूछ पूछ कर, वाहन अपना ढूंढ खोज कर
माल ठूंस दो अपना सारा, चाहे कितना भी हो प्यारा
एक बात ही केवल खास वीवीपैट हो अपने पास
ढूंढ कहाँ हैं पुलिस जवान, बैठ सीट पर जब लगे थकान
हाथ हिला तू अरे जहीन, चल रे भय्या पीठासीन।....
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डॉ. जोशी ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहलेे यह कविता रची थी। इस दौरान उन्होंने इलेक्शन ड्यूटी और राजू बन गया वोटर मैन शीर्षक से कहानियां भी लिखी। उस समय लिखी कविता को वर्तमान परिप्रेक्ष्य के सापेक्ष संशोधित किया गया है। डॉ. जोशी प्रशिक्षण के दौरान भी पीठासीन और मतदान अधिकारियों को इस कविता के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि कविता के माध्यम से पीठासीन अधिकारी के कार्य और जिम्मेदारियों को रेखांकित किया गया है। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी ने डॉ. जोशी की कविता और लेखन की सराहना की।
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पकड़ तू थैला उठा मशीन, चल रे भय्या पीठासीन
सभी सामग्री इक इक गिनकर, अंतिम दिन की ट्रेनिंग लेकर
सील सुभिन्नक दफ्ती स्याही, अड्रेस टेग और दियासलाई
नामावली और डायरी, लेखा अड्वान्स टी ए का लेकर पैसा,
चैक मेमो से इन्हें मिलाना, घबरा मत तू नहीं अकेला
होंगे तेरे साथी तीन, चल रे भय्या पीठासीन.....
सेक्टर जोनल पूछ पूछ कर, वाहन अपना ढूंढ खोज कर
माल ठूंस दो अपना सारा, चाहे कितना भी हो प्यारा
एक बात ही केवल खास वीवीपैट हो अपने पास
ढूंढ कहाँ हैं पुलिस जवान, बैठ सीट पर जब लगे थकान
हाथ हिला तू अरे जहीन, चल रे भय्या पीठासीन।....