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एक माह से बंद पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:36 PM IST
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कपकोट में भानी के पास मलबा आने से बंद पिंडारी ग्लेशियर मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व प्रसिद्ध ट्रेकिंग रूट पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग पिछले एक माह से बंद पड़ा है। रोड धंसने से यातायात पूरी तरह ठप है। वाहनों की आवाजाही के लिए रूट डायवर्ट किया है। इसके चलते वाहनों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
अभी मानसूनी वर्षा शुरू नहीं हुई है, लेकिन सीजन की पहली वर्षा में ही भानी के पास रोड धंस चुकी है। इससे यातायात बंद है। 2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। पिछले तीन सालों से यह सड़क ठीक इसी जगह पर थोड़ी वर्षा होने पर ही धंसती रही है। 2016 में 45 दिन बंद रही । 2017 में 40 दिन बंद रही। इस वर्ष 2018 में मार्ग बंद हुए एक महीना हो चुका है। इस सीजन में मार्ग खुलने के कोई आसार नहीं हैं। लगभग 40 हजार की आबादी को जोड़ने का यह मुख्य मार्ग है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल का कहना है कि लोनिवि को मार्ग खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आपदा पूर्व तैयारी की खुली कलई
बागेश्चर। मल्ला दानपुर के कई गांव आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। लेकिन उन तक पहुंचने का मुख्य मार्ग पिछले एक महीने से बंद है। इससे सरकारी तंत्र की आपदा समय से पहले की तैयारियों का पता लगता है। आपदा की स्थिति में मोटर मार्ग का बंद रहना खतरे को और बढ़ा रहा है।
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पर्यटकों ने पिंडारी से मोड़ा मुंह
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट है। हर साल हजारों ट्रैकर यहां आते हैं। पर्यटन का यह पीक समय है। लेकिन इस रोड के बंद होने से यहां पर्यटक नहीं आ रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। एक ओर तो सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के कई योजनाएं चलाने का दावा करती है, लेकिन इस ट्रैकिंग रूट पर पर्यटकों के आने जाने का रास्ता ही एक माह से नहीं खोला जा सका है।
इन गांवों की आवाजाही हुई ठप
बागेश्वर। यह मोटर मार्ग मल्ला दानपुर क्षेत्र के दर्जनों छोटे-बड़े गांवों को आपस में जोड़ती है। इनमें भानी, बड़ेत, दुलम, सोंग, मुनार, बदियाकोट, कर्मी, बघर, शरन, सूपी, लोहारखेत, खाती, वाछम, तरसाल, मिखिला खलपट्टा, हरकोट, लाहुर आदि गांव शामिल हैं। मार्ग बंद होने से इन गांवों की आवाजाही ठप पड़ी है।
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अभी मानसूनी वर्षा शुरू नहीं हुई है, लेकिन सीजन की पहली वर्षा में ही भानी के पास रोड धंस चुकी है। इससे यातायात बंद है। 2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। पिछले तीन सालों से यह सड़क ठीक इसी जगह पर थोड़ी वर्षा होने पर ही धंसती रही है। 2016 में 45 दिन बंद रही । 2017 में 40 दिन बंद रही। इस वर्ष 2018 में मार्ग बंद हुए एक महीना हो चुका है। इस सीजन में मार्ग खुलने के कोई आसार नहीं हैं। लगभग 40 हजार की आबादी को जोड़ने का यह मुख्य मार्ग है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल का कहना है कि लोनिवि को मार्ग खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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आपदा पूर्व तैयारी की खुली कलई
बागेश्चर। मल्ला दानपुर के कई गांव आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। लेकिन उन तक पहुंचने का मुख्य मार्ग पिछले एक महीने से बंद है। इससे सरकारी तंत्र की आपदा समय से पहले की तैयारियों का पता लगता है। आपदा की स्थिति में मोटर मार्ग का बंद रहना खतरे को और बढ़ा रहा है।
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पर्यटकों ने पिंडारी से मोड़ा मुंह
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट है। हर साल हजारों ट्रैकर यहां आते हैं। पर्यटन का यह पीक समय है। लेकिन इस रोड के बंद होने से यहां पर्यटक नहीं आ रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। एक ओर तो सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के कई योजनाएं चलाने का दावा करती है, लेकिन इस ट्रैकिंग रूट पर पर्यटकों के आने जाने का रास्ता ही एक माह से नहीं खोला जा सका है।
इन गांवों की आवाजाही हुई ठप
बागेश्वर। यह मोटर मार्ग मल्ला दानपुर क्षेत्र के दर्जनों छोटे-बड़े गांवों को आपस में जोड़ती है। इनमें भानी, बड़ेत, दुलम, सोंग, मुनार, बदियाकोट, कर्मी, बघर, शरन, सूपी, लोहारखेत, खाती, वाछम, तरसाल, मिखिला खलपट्टा, हरकोट, लाहुर आदि गांव शामिल हैं। मार्ग बंद होने से इन गांवों की आवाजाही ठप पड़ी है।