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पानी को लेकर मेहनरबूंगा के लोग परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Mon, 17 Apr 2017 10:07 PM IST
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पानी को लेकर लोग परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय से लगी मेहनरबूंगा गांव में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। पहले बनी लाइन ध्वस्त है जबकि दूसरे स्रोत में पानी की मात्रा कम हो गई है। नजदीक में कोई अन्य स्रोत न होने के कारण ग्रामीण सरयू के दूषित पानी पीने को मजबूर हो गए हैं।
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गंदा पानी पीने के कारण बीमारी फैलने की आशंका है। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार नारेबाजी के साथ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने डीएम से गांव के लिए पंपिंग योजना बनाने की मांग की।
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सोमवार सुबह मेहनरबूंगा के ग्रामीण नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीएम मंगेश घिल्डियाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें ग्रामीणों ने कहा है कि गांव के लिए पूर्व में बनी पेयजल योजना लंबे समय से ध्वस्त है जबकि दूसरी लाइन से बढ़ती आबादी के आगे बौनी साबित हो गई है।
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ग्राम पंचायत के पास संसाधनों की भारी कमी होने से वह लाइन की देखरेख नहीं कर पा रही है। पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने के कारण उनके सारे काम प्रभावित हो गए हैं। नजदीक में कोई अन्य स्रोत न होने के कारण उनकी समस्या बढ़ती जा रही है। मजबूरी में ग्रामीण सरयू के दूषित पानी का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने डीएम से गांव के लिए सरयू से पंपिंग योजना बनाने की मांग की है। पंपिंग योजना बनने से पहले उन्हें कलक्ट्रेट के लिए बनी योजना एक इंच पानी उपलब्ध कराने की मांग की। ग्राम प्रधान जयंती देवी, पूर्व प्रधान रमेश राज, गोविंद सिंह, नारायण राम, विशन राम, जगदीश चंद्र, बहादुर राम, पुष्पा देवी आदि थे।
गरुड़ (बागेश्वर)। भीषण गर्मी पड़ने से गरुड़ के माल्दे, बिमोला गांव सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। ग्रामीणों की सुबह, शाम नौलों पर पानी के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
कत्यूर घाटी इस बीच भारी गर्मी पड़ रही है। भीषण गर्मी के चलते बिमोला, अणां, पचना, बिनखोली, मेलाडुंगरी, रामपुर, माल्दे आदि गांवों में पेयजल को त्राहि-त्राहि मची है। पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी कम होने से जल संस्थान की योजनाओं से पानी की सप्लाई कम हो रही है।
पचना के प्रधान हरी राम, माल्दे की कमला बिष्ट, बिनखोली की दया गोस्वामी ने बताया संस्थान की योजनाओं से मात्र आधा घंटे पानी मिल रहा है। जल संस्थान की योजनाओं से पानी पर्याप्त मात्रा में न मिलने से ग्रामीणों की नौलों पर सुबह शाम लंबी कतारें लग रही हैं।
जल संस्थान के अवर अभियंता अशोक भट्ट ने बताया कि गर्मी के चलते स्रोतों में पानी कम हो गया है। उन्होंने लोगों से बारी-बारी से पानी लेने को कहा है। उधर कौसानी में पेेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण होटल व्यापारी टैंकरों से पानी मंगाने को मजबूर हैं।