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Bageshwar News: पारा पहुंचा 34 डिग्री, जल स्रोत सूखने से पानी की किल्लत
Wed, 19 Jun 2024 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 19 Jun 2024 12:25 AM IST
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अल्मोड़ा। जिले में तापमान 34 डिग्री पहुंच गया है और भीषण गर्मी में जल स्रोत सूख गए हैं। जल संस्थान के मुताबिक बीते एक महीने में 340 से अधिक जल स्रोत सूख गए हैं और इनसे संचालित योजनाएं दम तोड़ गई हैं। ऐसे में पानी की किल्लत हो गई है। हवालबाग, लमगड़ा, धौलादेवी, सल्ट, भिकियासैंण, चौखुटिया के 250 से अधिक गांवों में जलापूर्ति ठप रहने से 65 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। टैंकर से भी प्रभावितों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना जल संस्थान के लिए चुनौती बन गया है।
जिले के दुर्गानगर, तोली, मेरगांव, डुंगरी, भांगादयोली, बसर, लमगड़ा, पथरिया, गिरचौन, हवालबाग, गुरना, डीनापानी, उड़लगांव, सिमकनी, लोधिया, धूरातोक, धनेली सहित अन्य गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। योजनाएं जवाब दे गई हैं और नल सूख चुके हैं। ऐसे में यहां के लोग पानी की बूंद के लिए तरस गए हैं। जलापूर्ति ठप रहने से लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सूचना के बाद जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे। सड़क से लगे गांवों में लोगों को टैंकर से पानी उपलब्ध हुआ लेकिन दूरस्थ गांवों के लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हुआ। तेज धूप में प्रभावितों ने किसी तरह नौले-धारों और गधेरों से पानी की व्यवस्था की तब जाकर उनकी प्यास बुझी। जल संस्थान के एई वीएस मेहता ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप भेजकर पानी बांटा गया। संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
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जिले के दुर्गानगर, तोली, मेरगांव, डुंगरी, भांगादयोली, बसर, लमगड़ा, पथरिया, गिरचौन, हवालबाग, गुरना, डीनापानी, उड़लगांव, सिमकनी, लोधिया, धूरातोक, धनेली सहित अन्य गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। योजनाएं जवाब दे गई हैं और नल सूख चुके हैं। ऐसे में यहां के लोग पानी की बूंद के लिए तरस गए हैं। जलापूर्ति ठप रहने से लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सूचना के बाद जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे। सड़क से लगे गांवों में लोगों को टैंकर से पानी उपलब्ध हुआ लेकिन दूरस्थ गांवों के लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हुआ। तेज धूप में प्रभावितों ने किसी तरह नौले-धारों और गधेरों से पानी की व्यवस्था की तब जाकर उनकी प्यास बुझी। जल संस्थान के एई वीएस मेहता ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप भेजकर पानी बांटा गया। संस्थान लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
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