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Bageshwar News: विशेषज्ञों की जांच के बाद होगा नुकसान का आकलन
Wed, 20 Aug 2025 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:30 PM IST
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बागेश्वर। मंगलवार को पिटकुल के 132 केवी सब स्टेशन में हुए भूस्खलन का जायजा लेने पहुंचे पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी और यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता अमित कटारिया ने सब स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भूस्खलन से हुए नुकसान का बगैर विशेषज्ञों की जांच के आकलन कर पाना संभव नहीं है। विशेषज्ञों की टीम जल्द जांच कर नुकसान का मुआयना करेगी।
मंगलवार को भूस्खलन से नारायणदेव वार्ड में स्थित 132 केवी पिटकुल का बिजली सब स्टेशन भूस्खलन की चपेट में आ गया। इससे स्टेशन में मलबा भर गया। भूस्खलन से बिजली टावर भी खतरे की जद में है। इसे देखते हुए स्टेशन की बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया है। बुधवार को भूस्खलन का जायजा लेने पहुंचे पिटकुल के एमडी ध्यानी ने बताया कि अभी हमारी प्राथमिकता बचाव और राहत कार्य करना है। भूस्खलन से जीआईएस हॉल और उपकरणों को नुकसान हुआ है। बारिश से और अधिक भूस्खलन होने पर आबादी क्षेत्र को खतरा न हो, इसके लिए बचाव का कार्य किया जा रहा है। स्टेशन में लगे सभी उपकरण बड़ोदरा से मंगाए गए थे। कंपनी से संपर्क किया है। विशेषज्ञों की टीम बड़ोदरा से रवाना हो चुकी है।
उनके स्टेशन पहुंचने के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा। भूस्खलन की रोकथाम के लिए भू वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के निर्माण से पहले आईआईटी रुड़की के भू वैज्ञानिकों से सर्वे कराया था लेकिन इसके बावजूद भी भूस्खलन हुआ है। यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता कटारिया ने बताया कि स्टेशन से आपूर्ति होने में तीन महीने तक का समय लग सकता है। तब तक के लिए अल्मोड़ा सर्किट से सप्लाई सुचारू की है। जरूरत पड़ने पर रानीखेत से भी लोड डायवर्जन किया जाएगा। जिले में आपूर्ति सुचारू है।
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मंगलवार को भूस्खलन से नारायणदेव वार्ड में स्थित 132 केवी पिटकुल का बिजली सब स्टेशन भूस्खलन की चपेट में आ गया। इससे स्टेशन में मलबा भर गया। भूस्खलन से बिजली टावर भी खतरे की जद में है। इसे देखते हुए स्टेशन की बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया है। बुधवार को भूस्खलन का जायजा लेने पहुंचे पिटकुल के एमडी ध्यानी ने बताया कि अभी हमारी प्राथमिकता बचाव और राहत कार्य करना है। भूस्खलन से जीआईएस हॉल और उपकरणों को नुकसान हुआ है। बारिश से और अधिक भूस्खलन होने पर आबादी क्षेत्र को खतरा न हो, इसके लिए बचाव का कार्य किया जा रहा है। स्टेशन में लगे सभी उपकरण बड़ोदरा से मंगाए गए थे। कंपनी से संपर्क किया है। विशेषज्ञों की टीम बड़ोदरा से रवाना हो चुकी है।
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उनके स्टेशन पहुंचने के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा। भूस्खलन की रोकथाम के लिए भू वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के निर्माण से पहले आईआईटी रुड़की के भू वैज्ञानिकों से सर्वे कराया था लेकिन इसके बावजूद भी भूस्खलन हुआ है। यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता कटारिया ने बताया कि स्टेशन से आपूर्ति होने में तीन महीने तक का समय लग सकता है। तब तक के लिए अल्मोड़ा सर्किट से सप्लाई सुचारू की है। जरूरत पड़ने पर रानीखेत से भी लोड डायवर्जन किया जाएगा। जिले में आपूर्ति सुचारू है।
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