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Bageshwar News: मेहनरबूंगा बाईपास पर डामरीकरण की दरकार
Thu, 27 Mar 2025 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 27 Mar 2025 11:17 PM IST
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बागेश्वर। नगर में वाहनों की आवाजाही को कम करने के लिए बने मेहनरबूंगा बाईपास पर अब तक डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क से रोजाना भारी वाहन गुजरने से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बागेश्वर-ताकुला सड़क को दफौट मार्ग से जोड़ने के लिए बिलौना-मेहनरबूंगा बाईपास का निर्माण किया गया है। निर्माण के करीब दस साल बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं किया गया है। मेहनरबूंगा में सड़क किनारे कई लोगों के घर बने हैं। डामर नहीं होने से सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के घर के भीतर तक घुस जाती है। सड़क किनारे बनी दुकानों में रखा सामान भी धूल बैठने से खराब हो जाता है। लोगों को दिनभर में कई बार घर और दुकान की सफाई करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ होने से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार क्षेत्रवासी सड़क में डामरीकरण की मांग को लेकर विभाग और डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या जस की तस है।
मेहनरबूंगा बाईपास की लगातार उपेक्षा हो रही है। सड़क की बदहाली लोगाें की परेशानी बढ़ा रही है। डामर नहीं होने से लोग धूल के चलते दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। जल्द सड़क में डामरीकरण किया जाना चाहिए।
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अर्जुन देव, सामाजिक कार्यकर्ता
कई साल से सड़क पर डामर कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दिन-रात सड़क से उठ रही धूल के बीच रहने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है। बारिश के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
रमेश राज, पूर्व प्रधान
भारी वाहनों का सड़क पर काफी दबाव रहता है। रोजाना सड़क से उठने वाली धूल से व्यापारी परेशान हैं। घरों के बाहर कपड़े सुखाने में भी दिक्कत होती है। धूल उड़ने से पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है।
सुरेश चंद्र, वार्ड निवासी
मेहनरबूंगा बाईपास पर डामरीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
एसके पांडेय, ईई लोनिवि बागेश्वर
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बागेश्वर-ताकुला सड़क को दफौट मार्ग से जोड़ने के लिए बिलौना-मेहनरबूंगा बाईपास का निर्माण किया गया है। निर्माण के करीब दस साल बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं किया गया है। मेहनरबूंगा में सड़क किनारे कई लोगों के घर बने हैं। डामर नहीं होने से सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के घर के भीतर तक घुस जाती है। सड़क किनारे बनी दुकानों में रखा सामान भी धूल बैठने से खराब हो जाता है। लोगों को दिनभर में कई बार घर और दुकान की सफाई करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ होने से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार क्षेत्रवासी सड़क में डामरीकरण की मांग को लेकर विभाग और डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या जस की तस है।
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मेहनरबूंगा बाईपास की लगातार उपेक्षा हो रही है। सड़क की बदहाली लोगाें की परेशानी बढ़ा रही है। डामर नहीं होने से लोग धूल के चलते दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। जल्द सड़क में डामरीकरण किया जाना चाहिए।
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अर्जुन देव, सामाजिक कार्यकर्ता
कई साल से सड़क पर डामर कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दिन-रात सड़क से उठ रही धूल के बीच रहने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है। बारिश के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
रमेश राज, पूर्व प्रधान
भारी वाहनों का सड़क पर काफी दबाव रहता है। रोजाना सड़क से उठने वाली धूल से व्यापारी परेशान हैं। घरों के बाहर कपड़े सुखाने में भी दिक्कत होती है। धूल उड़ने से पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है।
सुरेश चंद्र, वार्ड निवासी
मेहनरबूंगा बाईपास पर डामरीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
एसके पांडेय, ईई लोनिवि बागेश्वर