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Bageshwar News: सत्र न्यायालय ने पेयजल निर्माण निगम के ईई का पुनरीक्षण प्रार्थनापत्र निरस्त किया

Sat, 25 Nov 2023 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sat, 25 Nov 2023 11:22 PM IST
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People face problems.
बागेश्वर। सत्र न्यायालय ने निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता का दांडिक पुनरीक्षण प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया है। पेयजल योजना की घपलेबाजी के इस मामले में निचली अदालत ने पेयजल निर्माण निगम के ईई और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे। फैसले के खिलाफ पेयजल निगम के ईई ने सत्र न्यायालय में दांडिक पुनरीक्षण प्रार्थनापत्र दिया था। सत्र न्यायालय ने प्रार्थनापत्र निरस्त करते हुए निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया है।
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प्रत्यर्थी गोपाल बनवासी के अधिवक्ता विनोद कुमार भट्ट ने बताया कि उनके मुवक्किल गोपाल वनवासी ने पूर्व में न्यायायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ के न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत जल जीवन मिशन की मनयाखेत, सिमगड़ी, वज्यूला आदि पेयजल योजनाओं के काम के फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर एक करोड़, बहत्तर लाख, छियासी हजार रुपये के कूटरचित दस्तावेज बनाकर आपराधिक षडयंत्र के तहत ईई और ठेकेदार की मिलीभगत से गबन होने संबंधी प्रार्थनापत्र दिया था। कहा था कि जो अवधि योजनाओं के निर्माण की दर्शाई गई है उस अवधि में इन योजनाओं का निर्माण ही नहीं हुआ। यह सभी जानकारियां प्रत्यर्थी गोपाल वनवासी ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त की थीं।
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विचारण न्यायालय (न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़) ने मामला प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध कारित किए जाने का मानते हुए एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश पारित किया था। इस पर अभियुक्त संख्या 2 निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता राम प्रसाद ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में दांडिक पुनरीक्षण प्रार्थनापत्र दिया। शनिवार को सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे ने पुनरीक्षण प्रार्थनापत्र खारिज कर विचारण न्यायालय के आदेश को सही ठहराते हुए विधि सम्मत माना। गोपाल वनवासी की ओर से अधिवक्ता विनोद कुमार भट्ट ने पैरवी की। सत्र न्यायालय के फैसले के बाद पेयजल निर्माण के ईई राम प्रसाद और ठेकेदार प्रीतम सिंह निवासी भिलकोट के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का रास्ता खुल गया है।
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