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लोगों की जान बचाने वाला पप्पू तैराक आज खुद लाचार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 03:48 PM IST
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Pappu swimmer who saved people's lives is helpless today
पप्पू तैराक की मदद के लिए जिला अस्पताल पहुंचे रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : AMAR UJALA
बागेश्वर। बागेश्वर की सरयू नदी में डूब रहे कई लोगों की जान बचाने वाला पप्पू तैेराक आज खुद लाचार हो गया है। चार साल पहले नदी में ही चोट लगने से उसका एक पैर खराब हो गया था। तब से ह्वीलचेयर ही उसका सहारा है। जरूरतमंद लोगों की लगातार मदद कर रहीं जिले की युवा पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल की पहल पर रेडक्रास सोसायटी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार पप्पू तैराक के मददगार बनकर सामने आए हैं। जिला अस्पताल में पप्पू तैराक के पैर का ऑपरेशन हो गया है। जिला मुख्यालय के मेहनरबुंगा निवासी पप्पू लाल (48) पुत्र दीवान राम एक कुशल तैराक हैं। वह सरयू नदी में डूब रहे कई लोगों की जीवन बचा चुके हैं। वर्ष 2012 के बरसात में उफान पर आई सरयू के बहाव में दो लोग बहने लगे। देखने वालों के रौंगटे खड़े हो गए, कोई भी उन लोगों को बचाने की हिम्मत नहीं कर पाया। पप्पू तैराक ने अपनी जान की परवाह किए बगैर उफनती सरयू में छलांग लगा दी और दोनों लोगों को डूबने से बचा लिया। उन्होंने एक नेपाली बच्ची को भी नदी में डूबने से बचाया था। और भी कई वाकये लोग बताते हैं, जब पप्पू तैराक सरयू में डूब रहे लोगों का जीवन बचाने में मददगार बने। वर्ष 2016 में उनके दाएं पैर में बीमारी लग गई। पैर सड़ने-गलने लगा। धीरे-धीरे पप्पू तैराक चलने-फिरने में असमर्थ हो गया और ह्वीलचेयर पकड़ ली। पप्पू तैराक की व्यथा पुलिस अधीक्षक को पता चली तो उन्होंने जिला रेडक्रास सोसायटी से पप्पू तैराक की मदद करने को कहा। बृहस्पतिवार को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण पप्पू को अस्पताल लेकर आए। सोसायटी के पदाधिकारी और जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार जो कि सोसायटी के सदस्य भी हैं, अस्पताल पहुंचे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजा शंकर जोशी ने पप्पू तैराक का ऑपरेशन किया। जिपं उपाध्यक्ष ने पप्पू तैराक की देखरेख के लिए अपने खर्च पर तीमारदार रखा है। सोसायटी के जिला वायस चेयरमैन संजय साह जगाती, सचिव आलोक पांडेय, एडवोकेट हरीश दफौटी, जगदीश उपाध्याय, अखिल जोशी ने पप्पू को हरसंभव मदद देने की बात कही है।
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इनसेट :: ऐसे पड़ा पप्पू तैराक नाम बागेश्वर। बागेश्वर का नुमाइशखेत मैदान सरयू नदी से सटा है। क्रिकेट मैच के दौरान अक्सर गेंद नदी में जा गिरती थी। तब पप्पू तैराक आनन-फानन में नदी से गेंद निकाल लाते थे। धीरे-धीरे उनका तैराकी का हुनर निखर गया और नाम ही पप्पू तैराक पड़ गया।
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