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Bageshwar News: बागेश्वर कब पहुंचेगी सपनों की रेल
Wed, 05 Apr 2023 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:55 PM IST
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गीता रावल, उपाध्यक्ष, टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
बागेश्वर। अंग्रेजों के समय से प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण का रास्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद भी साफ होता नहीं दिख रहा है। रेल लाइन का सर्वे काफी धीमी गति से हो रहा है। इससे रेल लाइन निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले लोगों में निराशा है।
वर्ष 2022 के विधानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान हल्द्वानी में हुई सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 154.58 किमी रेल लाइन की ब्राडगेज सर्वे के लिए 28 करोड़ रुपये जारी किए थे। 26 नवंबर 2022 तक सर्वे का काम पूरा होना था लेकिन अब तक रेल लाइन का सर्वे पूरा नहीं हुआ है।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने इस साल के अंत तक रेल लाइन का सर्वे पूरा होने की जानकारी आरटीआई में दी है। कब सर्वे पूरा होता है? कब रेल परियोजना के लिए बजट मिलता है? कब निर्माण होता है? यह देखने वाली बात होगी। रेल लाइन निर्माण में हो रही देरी पर संवाद न्यूज एजेंसी ने रेल लाइन के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे लोगों से बातचीत की। क्या कहा उन्होंने जानिए उन्हीं की जुबानी...।
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प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी रेल लाइन का सर्वे धीमी गति से होना कई सवाल खड़े करता है। इस माह के अंत में इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। संघर्ष तेज किया जाएगा। - नीमा दफौटी, अध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति बागेश्वर।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद रेल लाइन निर्माण की उम्मीद जागी थी। कोई खास प्रगति देखने को नहीं मिल रही है। रेल लाइन पहाड़ के चार जिलों की जीवन रेखा होगी। इसका निर्माण जल्द होना चाहिए। - केशवानंद जोशी, संरक्षक टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
रेल लाइन निर्माण के लिए बार-बार पहाड़ के लोगों को गुमराह किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण से पहाड़ के विकास के रास्ते खुलेंगे। - गीता रावल, उपाध्यक्ष, टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
वर्ष 2013 में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट घोषित कर दिया गया था। राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को लटकाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। - सुनीता टम्टा, उपाध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
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वर्ष 2022 के विधानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान हल्द्वानी में हुई सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 154.58 किमी रेल लाइन की ब्राडगेज सर्वे के लिए 28 करोड़ रुपये जारी किए थे। 26 नवंबर 2022 तक सर्वे का काम पूरा होना था लेकिन अब तक रेल लाइन का सर्वे पूरा नहीं हुआ है।
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पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने इस साल के अंत तक रेल लाइन का सर्वे पूरा होने की जानकारी आरटीआई में दी है। कब सर्वे पूरा होता है? कब रेल परियोजना के लिए बजट मिलता है? कब निर्माण होता है? यह देखने वाली बात होगी। रेल लाइन निर्माण में हो रही देरी पर संवाद न्यूज एजेंसी ने रेल लाइन के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे लोगों से बातचीत की। क्या कहा उन्होंने जानिए उन्हीं की जुबानी...।
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प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी रेल लाइन का सर्वे धीमी गति से होना कई सवाल खड़े करता है। इस माह के अंत में इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। संघर्ष तेज किया जाएगा। - नीमा दफौटी, अध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति बागेश्वर।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद रेल लाइन निर्माण की उम्मीद जागी थी। कोई खास प्रगति देखने को नहीं मिल रही है। रेल लाइन पहाड़ के चार जिलों की जीवन रेखा होगी। इसका निर्माण जल्द होना चाहिए। - केशवानंद जोशी, संरक्षक टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
रेल लाइन निर्माण के लिए बार-बार पहाड़ के लोगों को गुमराह किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण से पहाड़ के विकास के रास्ते खुलेंगे। - गीता रावल, उपाध्यक्ष, टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।
वर्ष 2013 में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट घोषित कर दिया गया था। राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को लटकाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। - सुनीता टम्टा, उपाध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति, बागेश्वर।