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Bageshwar News: रातभर कनस्तर बजाकर सुअरों को भगा रहीं बहुली की महिलाएं
Mon, 01 Apr 2024 05:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 01 Apr 2024 05:17 AM IST
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खेती को बचाने के लिए रातभर जाग रहे किसान
बागेश्वर। पहाड़ी इलाकों में जंगली सुअर किसानों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। जंगली सुअरों के कारण किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। बागेस्वर तहसील के बहुली की महिलाएं जंगली सुअरों से खेती को बचाने के लिए रात-रातभर जाग रही हैं। कनस्तर बजाकर सुअरों को भगा रही हैं।
शनिवार की रात करीब दस बजे सुअरों का झुंड बहुली गांव के खेतों में पहुंच गया। खेतों को नुकसान पहुंचाने लगा। इसकी भनक लगने पर गांव की महिलाओं ने मोर्चा सम्भाला। महिलाएं लाठी, डंडों से लैस होकर खेतों के पास पहुंच गईं। कनस्तर बजाकर सुअरों को भगाने का प्रयास किया। शोर सुनकर कुछ देर बाद सुअर जंगल की ओर भाग निकले।
बहुली की ग्राम प्रधान सोनी परिहार, आनंदी परिहार, सरस्वती परिहार, गोविंदी देवी, कमला परिहार, भगवती रौतेला, विमला नेगी, हर्षिता परिहार, वर्षा नेगी, कंचन सिंह, डुंगर सिंह, माधो सिंह, राहुल सिंह, खीम सिंह ने बताया कि सुअर आलू और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी सुअरों से निजात नहीं दिलाई जा रही है।
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कोट
शासन ने जंगली सुअरों को हिंसक जानवर घोषित करते हुए मारने का नियम बनाया है। इसके लिए प्रभागीय वनाधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर सुअरों को मारने की अनुमति ली जा सकती है। बंदूक लाइसेंसधारी को सुअर मारने की अनुमति दी जाती है। इस नियम का लाभ लोग उठा सकते हैं। -एसएस करायत वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर
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बागेश्वर। पहाड़ी इलाकों में जंगली सुअर किसानों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। जंगली सुअरों के कारण किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। बागेस्वर तहसील के बहुली की महिलाएं जंगली सुअरों से खेती को बचाने के लिए रात-रातभर जाग रही हैं। कनस्तर बजाकर सुअरों को भगा रही हैं।
शनिवार की रात करीब दस बजे सुअरों का झुंड बहुली गांव के खेतों में पहुंच गया। खेतों को नुकसान पहुंचाने लगा। इसकी भनक लगने पर गांव की महिलाओं ने मोर्चा सम्भाला। महिलाएं लाठी, डंडों से लैस होकर खेतों के पास पहुंच गईं। कनस्तर बजाकर सुअरों को भगाने का प्रयास किया। शोर सुनकर कुछ देर बाद सुअर जंगल की ओर भाग निकले।
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बहुली की ग्राम प्रधान सोनी परिहार, आनंदी परिहार, सरस्वती परिहार, गोविंदी देवी, कमला परिहार, भगवती रौतेला, विमला नेगी, हर्षिता परिहार, वर्षा नेगी, कंचन सिंह, डुंगर सिंह, माधो सिंह, राहुल सिंह, खीम सिंह ने बताया कि सुअर आलू और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी सुअरों से निजात नहीं दिलाई जा रही है।
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शासन ने जंगली सुअरों को हिंसक जानवर घोषित करते हुए मारने का नियम बनाया है। इसके लिए प्रभागीय वनाधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर सुअरों को मारने की अनुमति ली जा सकती है। बंदूक लाइसेंसधारी को सुअर मारने की अनुमति दी जाती है। इस नियम का लाभ लोग उठा सकते हैं। -एसएस करायत वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर