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आपदा में ध्वस्त हुआ घर, टैंट बनाकर जीवन बसर कर रहा परिवार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 12:21 AM IST
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No Shelter for A Family
अमतौड़ा ग्राम सभा के बेलता में झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहा आपदा प्रभावित परिवार। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। आपदा के बाद प्रशासन कैसे प्रभावितों को भूल जाता है इसकी बानगी अमतोड़ा के बेलता गांव में देखने को मिल रही है। अक्तूबर में बारिश से मकान ध्वस्त होने के बाद एक परिवार टेंट लगाकर गुजर-बसर करने को मजबूर है। प्रभावित का आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से तहसीलदार तक गुहार लगाई लेकिन अब तक किसी ने मौका मुआयना करने की जहमत नहीं उठाई। प्रभावित परिवार ठंड में अंगीठी के सहारे रात गुजारने को मजबूर है।
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19 अक्तूबर को भारी बारिश के दौरान अमतौड़ा ग्राम पंचायत के बेलता तोक निवासी हरीश राम का मकान ध्वस्त हो गया। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले हरीश का परिवार मकान टूटने से बेघर हो गया। प्रभावित ने राजस्व निरीक्षक को इसकी सूचना दी लेकिन उसके मकान का निरीक्षण करने कोई नहीं पहुंचा। इधर, मकान टूटने के बाद प्रभावित ने आसपास के मकान में शरण लेनी चाही, लेकिन गांव में सबके पास सीमित जगह होने से उसे सिर छिपाने की जगह नहीं मिली। हालांकि गांव के एक गोशाले में उसकी चार बकरियों को बांधने की जगह मिल गई। कहीं सिर छिपाने की जगह नहीं मिलने के बाद परिवार ने घर के बाहर एक कोने में पत्थरों की छोटी सी दीवार बनाकर उसपर पॉलीशीट डाली और रात गुजारने का साधन बनाया। जिसके बाद से हरीश राम, उसकी पत्नी मंजू देवी, बच्चे राहुल और भावना छोटे से टेंटनुमा जगह में गुजर-बसर कर रहे हैं।
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बिस्तर और सामान मलबे में दब गया
बागेश्वर। हरीश राम ने बताया कि मकान के मलबे में बिस्तर और अन्य सामान दब गया है। मौसम बदलने के साथ गांव में ठंड पड़ने लगी है। बिस्तर नहीं होने से बच्चों को परेशानी हो रही है। दिन तो किसी तरह से कट जाता है लेकिन रात के समय परेशानी हो रही है। कहा कि मेहनत-मजदूरी से किसी तरह दो जून की रोटी का जुगाड़ तो हो जाएगा, लेकिन प्रशासन ने मदद नहीं की तो आशियाना कैसे बनेगा।
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पंचायत घर भी हो गया है जर्जर
बागेश्वर। अमूमन आपदा प्रभावित को गांव में बने पंचायत घर में सिर छिपाने की जगह मिल जाती है, लेकिन अमतौड़ा को पंचायत घर भी जीर्णशीर्ण हो चुका है। ग्राम प्रधान किरन देवी ने बताया कि पंचायत घर खस्ताहाल है। ऐसे में वहां किसी को ठहराया नहीं जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द आपदा प्रभावित की सुध लेने की मांग की है।

आपदा प्रभावित का मामला संज्ञान में आया है। राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेजा जा रहा है। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद मानकों के अनुसार आपदा प्रभावित को मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
हर गिरी, एसडीएम बागेश्वर
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