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बागेश्वर के 67 पोलिंग बूथ संचार विहीन, वचुअल सभाओं का भी कोई लाभ नहीं
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No Conectivity in Bageshwar
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बागेश्वर। जिले के 67 पोलिंग बूथ संचार विहीन हैं। इन इलाकों में वर्चुअल प्रचार संभव नहीं हैं। संचार असुविधा के कारण चुनाव से संबंधित सूचनाएं एकत्र करने में भी दिक्कत आएंगी।
बागेश्वर जिले की कपकोट सीट के 67 पोलिंग बूथ संचार सुविधा से महरूम हैं। कपकोट के कीमू, गोगिना, रातरकेठी, हाम्टीकापड़ी, लीती, खाती, बदियाकोट, बोरबलड़ा, कुंवारी, वाछम समेत तमाम इलाके डिजिटल इंडिया के दौर में भी संचार सेवा से नहीं जुड़ पाए हैं। संचार सेवा न होने से यह इलाके शेष जगत से कटे रहते हैं। सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं कर पाते हैं।
वर्तमान में कोविड के कारण चुनाव प्रचार पर भी बंदिशें हैं। राजनीतिक दलों की वर्चुअल सभाएं हो रही हैं। संचार विहीन इलाकों में वर्चुअल सभाओं का भी कोई लाभ राजनीतिक दलों को नहीं मिल रहा है। लोगों तक राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों की बातें नहीं पहुंच पा रही हैं। संचार विहीन इलाकों के लोग आम दिनों में तो देश, दुनिया की खबरों से बेखबर रहते ही हैं, चुनाव महासमर में इन लोगों तक नेताओं की बात संचार माध्यमों से नहीं पहुंच पा रही है। संचार असुविधा कहीं न कहीं मतदान पार्टियों से संपर्क करने में भी बाधा पहुंचाएगा। हालांकि मतदान पार्टियों से जिला निर्वाचन कार्यालय और कंट्रोल रूम वायरलेस से संपर्क में रहेगा।
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बागेश्वर जिले की कपकोट सीट के 67 पोलिंग बूथ संचार सुविधा से महरूम हैं। कपकोट के कीमू, गोगिना, रातरकेठी, हाम्टीकापड़ी, लीती, खाती, बदियाकोट, बोरबलड़ा, कुंवारी, वाछम समेत तमाम इलाके डिजिटल इंडिया के दौर में भी संचार सेवा से नहीं जुड़ पाए हैं। संचार सेवा न होने से यह इलाके शेष जगत से कटे रहते हैं। सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं कर पाते हैं।
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वर्तमान में कोविड के कारण चुनाव प्रचार पर भी बंदिशें हैं। राजनीतिक दलों की वर्चुअल सभाएं हो रही हैं। संचार विहीन इलाकों में वर्चुअल सभाओं का भी कोई लाभ राजनीतिक दलों को नहीं मिल रहा है। लोगों तक राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों की बातें नहीं पहुंच पा रही हैं। संचार विहीन इलाकों के लोग आम दिनों में तो देश, दुनिया की खबरों से बेखबर रहते ही हैं, चुनाव महासमर में इन लोगों तक नेताओं की बात संचार माध्यमों से नहीं पहुंच पा रही है। संचार असुविधा कहीं न कहीं मतदान पार्टियों से संपर्क करने में भी बाधा पहुंचाएगा। हालांकि मतदान पार्टियों से जिला निर्वाचन कार्यालय और कंट्रोल रूम वायरलेस से संपर्क में रहेगा।
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