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भूमि का पट्टा जारी नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
ब्यूरो, अमर उजाला बागेश्वर।
Updated Thu, 17 Mar 2016 05:19 PM IST
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वर्ष 1988 में झिरौली गांव से देवलधार में विस्थापित किए गए परिवारों को आज तक भूमि पर मालिकाना हक नहीं मिल सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर मामले में उचित कार्यवाही नहीं होने पर चक्काजाम करने की धमकी दी है। इस संबंध में अल्मोड़ा मैग्नेसाइट के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भी भेजा गया है।
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ज्ञापन में चौगांवछीना के क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल टम्टा सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि वर्ष 1988 में कंपनी और सरकार ने झिरौली के परिवारों को देवलधार में विस्थापित कर दिया था। लेकिन, आज तक इन परिवारों को जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने पट्टा जारी करने, सड़क, पेयजल, अस्पताल, बिजली, स्कूल की सुविधा मुहैया कराने की मांग की।
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मीणों का कहना है कि पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन ने छह माह में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यदि 15 दिन के भीतर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीण चक्काजाम करने को बाध्य होंगे।
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ज्ञापन भेजने वालों में सुरेंद्र लाल, राजू कुमार, पंकज कुमार, पप्पू लाल, राधा देवी, मुन्नी देवी, चंद्रा देवी, पुष्पा देवी, विजय कुमार, विनोद कुमार, विशन लाल, पूरन चंद्र, तारा चंद्र, मोहन लाल, लालू राम, बहादुर राम, चंद्रशेखर, गणेश लाल, लीला देवी, हेमा देवी, गीता देवी, अमित कुमार, सूरज कुमार, अजय कुमार, पूरन चंद्र, अनिल कुमार, चंद्रशेखर, दुर्गाराम शामिल हैं।