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Bageshwar News: नदी यमुना के तीर कदंब चढ़ी कान्हा बजे गयो बांसुरिया .....
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बागेश्वर। जिले में महिला होली गायन का उत्साह जोरों पर है। जिला मुख्यालय से लेकर सभी तहसील क्षेत्रों में महिलाएं होली गायन कर रही हैं। वार्ड, मोहल्ले और गांवों में महिलाओं की छोटी-छोटी टोलियां घर-घर जाकर होली गायन कर रही हैं। नृत्य और स्वांग के माध्यम से भी होली पर्व में विविध रंग भरे जा रहे हैं।
नगर के सभी 11 वार्डों में महिलाएं अपने-अपने मोहल्ले में होली गायन कर रही हैं। नगर से सटे गांवों समेत गरुड़, कांडा, कपकोट, काफलीगैर और दुगनाकुरी के अधिकांश गांवों में महिला होली मनाई जा रही है। गांवों में सुबह से दोपहर तक खेतीबाड़ी और पशुपालन का कार्य करने के बाद महिलाएं होली गायन के लिए निकलती हैं। नगरीय क्षेत्रों में भी दोपहर बाद दो बजे से पांच बजे तक होली गायन किया जा रहा है। इस दौरान महिला होल्यार सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन..., मेरो री मनमोहना रे..., नदी यमुना के तीन कदम चढ़ी कान्हा बजे गयो बांसुरिया..., चली-चली मंदोदरी..., बलमा घर आयो फागुन में... समेत अन्य होली गीत गा रही हैं। समाज पर कटाक्ष करते हुए स्वांग भी रचाए जा रहे हैं। होल्यार प्रेमा देवी, रमा देवी, गीता देवी, यशोदा देवी, तनुजा आदि ने बताया कि होली के दौरान पूरे उत्साह के साथ नाच-गाना किया जाता है। महिलाएं घर के कामकाज के साथ-साथ होली गायन कर भरपूर मनोरंजन करती हैं।
नगर के सभी 11 वार्डों में महिलाएं अपने-अपने मोहल्ले में होली गायन कर रही हैं। नगर से सटे गांवों समेत गरुड़, कांडा, कपकोट, काफलीगैर और दुगनाकुरी के अधिकांश गांवों में महिला होली मनाई जा रही है। गांवों में सुबह से दोपहर तक खेतीबाड़ी और पशुपालन का कार्य करने के बाद महिलाएं होली गायन के लिए निकलती हैं। नगरीय क्षेत्रों में भी दोपहर बाद दो बजे से पांच बजे तक होली गायन किया जा रहा है। इस दौरान महिला होल्यार सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन..., मेरो री मनमोहना रे..., नदी यमुना के तीन कदम चढ़ी कान्हा बजे गयो बांसुरिया..., चली-चली मंदोदरी..., बलमा घर आयो फागुन में... समेत अन्य होली गीत गा रही हैं। समाज पर कटाक्ष करते हुए स्वांग भी रचाए जा रहे हैं। होल्यार प्रेमा देवी, रमा देवी, गीता देवी, यशोदा देवी, तनुजा आदि ने बताया कि होली के दौरान पूरे उत्साह के साथ नाच-गाना किया जाता है। महिलाएं घर के कामकाज के साथ-साथ होली गायन कर भरपूर मनोरंजन करती हैं।
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