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एक माह बाद भी नहीं खुली कौसानी-भतेड़िया सड़क
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:21 PM IST
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पिछले दिनों बारिश से बंद जिले के चार ग्रामीण मोटर अभी तक नहीं खुल पाए हैं। कौसानी-भतेड़िया सड़क को बंद हुए एक माह का समय पूरा हो गया है। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों से लेकर होटल व्यवसायी सभी परेशान हैं।
भूस्खलन और मलबा आने से कौसानी-भतेड़िया, कपकोट-कर्मी, धरमघर-माजखेत और मुनार बैंड से सूपी को जाने वाली सड़कें अभी बंद पड़ी हैं। सबसे अधिक जनता कौसानी-भतेड़िया सड़क के बंद होने से प्रभावित हुई है। कौसानी बाजार में ही सड़क के बंद होने से चार गांवों के लिए एक माह से यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है।
वाहनों का संचालन नहीं होने से लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को जरूरी सामान पीठ पर ढोना पड़ रहा है। धंस चुकी सड़क को बनाने में कार्य धीमी प्रगति चलने से लोग अधिक परेशान हैं। होटल व्यवसाय पर भी इसका खासा असर पड़ा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।
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तमाम दिक्कतों का सामना कर रहे ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क का सुधार कर यातायात शुरू नहीं करने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उधर कपकोट क्षेत्र की अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों का बुरा हाल है। कपकोट-कर्मी, कपकोट-पोथिंग सहित अधिकांश सड़कों में मलबा जमा है। लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं।
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भूस्खलन और मलबा आने से कौसानी-भतेड़िया, कपकोट-कर्मी, धरमघर-माजखेत और मुनार बैंड से सूपी को जाने वाली सड़कें अभी बंद पड़ी हैं। सबसे अधिक जनता कौसानी-भतेड़िया सड़क के बंद होने से प्रभावित हुई है। कौसानी बाजार में ही सड़क के बंद होने से चार गांवों के लिए एक माह से यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है।
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वाहनों का संचालन नहीं होने से लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को जरूरी सामान पीठ पर ढोना पड़ रहा है। धंस चुकी सड़क को बनाने में कार्य धीमी प्रगति चलने से लोग अधिक परेशान हैं। होटल व्यवसाय पर भी इसका खासा असर पड़ा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।
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तमाम दिक्कतों का सामना कर रहे ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क का सुधार कर यातायात शुरू नहीं करने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उधर कपकोट क्षेत्र की अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों का बुरा हाल है। कपकोट-कर्मी, कपकोट-पोथिंग सहित अधिकांश सड़कों में मलबा जमा है। लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं।