बागेश्वर। नुमाइशखेत के रामलीला मंच में आयोजित होने वाले नंदा-सुनंदा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 14 सितंबर से होने वाले महोत्सव के लिए भूमि पूजन हो गया है, महोत्सव समिति ने सायंकाल गाजे-बाजे के साथ भिटालगांव जाकर कदली वृक्ष को आमंत्रित किया। आज शनिवार को नंदा और सुनंदा की मूर्ति निर्माण के लिए कदली वृक्ष को महोत्सव स्थल पर लाया जाएगा।
कोरोना महामारी के चलते इस बार भी नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन सादगी से होना है। शुक्रवार को महोत्सव स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समिति के सदस्यों ने पूजा पाठ करने के साथ ही महोत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की। सायंकाल समिति के सदस्य गाजे-बाजे के साथ भिटालगांव गए, जहां यजमान हरीश बिष्ट के बगीचे में कदली (केले) के वृक्ष को आमंत्रित किया गया। शनिवार सुबह देव डांगर मूर्ति निर्माण के लिए उपयुक्त कदली वृक्ष का चयन करेंगे, जिसे गाजे-बाजे के साथ महोत्सव स्थल तक लाया जाएगा। 12 और 13 सितंबर को मूर्तियों का निर्माण किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष मनोज पांडेय ने बताया कि 17 सितंबर को डोला भ्रमण और मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस मौके पर नवीन लाल साह, ललित तिवारी, कंचन साह, कौशल उपाध्याय, आलोक जोशी, विजय वर्मा आदि मौजूद रहे।