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सुमगढ़ के ऐठाणवण में बारिश का कहर, मकान ध्वस्त होने से पति-पत्नी और पुत्र जिंदा दफन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:58 PM IST
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in Aithanwan of Sumgarh Husband, wife and son died after being buried in the rubble due to the collapse of the house
बागेश्वर/कपकोट। कपकोट तहसील के सुमगढ़ ग्राम पंचायत के ऐठाणवण तोक में दिल दहला देने वाले हादसे में पति, पत्नी और बच्चे की मौत हो गई। मानसून की पहली ही बारिश गांव के एक परिवार के लिए काल बनकर आई। तेज बारिश के शनिवार देर रात्रि पहाड़ी में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से मकान धराशायी हो गया था। हादसे के करीब सात घंटे बाद तीनों मृतकों के शवों को निकाला जा सका। हृदयविदारक घटना से गांव के साथ ही आसपास के इलाके शोक में डूब गए हैं।
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शनिवार की रात करीब दो बजे सुमगढ़ ग्राम पंचायत के ऐठाणवण तोक की पहाड़ी में जबरदस्त भूस्खलन हो गया। पहाड़ी को चीरता हुआ मलबा ऐठाणवण गांव की ओर बहने लगा। मलबे की जद में आने से गोविंद सिंह पंडा का मकान ध्वस्त हो गया। हादसा इतना भयानक था कि पूरा मकान जमींदोज हो गया। हादसे में मकान स्वामी गोविंद सिंह (38) पुत्र प्रताप सिंह, उनकी पत्नी खष्टी देवी (32) और पुत्र हिमांशु (07) जिंदा दफन हो गए। हालांकि हादसे में मकान स्वामी का पुत्र गुलशन बालबाल बच गया। उसने ही हादसे की सूचना घर के कुछ दूरी पर रहने वाले परिवारों को दी। हादसे की सूचना पर आनन-फानन में घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक पूरा मकान धराशायी हो चुका था। सुबह आसपास के इलाकों के साथ ही जिला मुख्यालय तक हादसे की सूचना फैल गई।
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आपदा कंट्रोल रूम और प्रशासन को भी सूचना दी। एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और राजस्व पुलिस की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब सात घंटे का समय लग गया। प्रशासन के पहुंचने तक ग्रामीणों ने मकान के मलबा हटाना शुरु कर दिया था। रविवार की सुबह दस बजे बाद एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद तीनों मृतकों के शवों को मलबे से बाहर निकाला जा सका। राजस्व पुलिस ने शवों का पंचनामा भरा। डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुमगढ़ में ही मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम किया। शाम के समय गमगीन माहौल में तत्पकुंड श्मशान घाट में मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया।
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नेटवर्क बना बाधा, गांववालों को सुबह मिली खबर
बागेश्वर। मकान गिरने की सूचना के बाद पड़ोस के दो परिवार रात के समय ही मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन गांव में नेटवर्क नहीं होने के कारण अन्य ग्रामीणों को सूचना नहीं दी जा सकी। ग्राम प्रधान मंगल रावत ने बताया कि हादसे वाला मकान गांव से कुछ दूरी पर है। गांव में अक्सर संचार सेवा बाधित रहती है। जिसके कारण हादसे की सूचना ग्रामीणों को सुबह मिली। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण तत्काल मौके की ओर गए और खोज-बचाव का काम शुरू करवाया।
सड़क बंद होने से देरी से पहुंची राहत-बचाव की टीम
बागेश्वर। रविवार की सुबह राहत-बचाव की टीम मौके की ओर रवाना हुई, लेकिन पिंडारी-ग्लेशियर मोटर मार्ग बंद होने से घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगा। कपकोट-सौंग-पिंडारी मोटर मार्ग भैंसखाली के पास मलबा आने से बंद हो गया था। जिसके कारण एसडीआरएफ-आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीम को तीन किमी की दूरी पैदल पार करनी पड़ी। मुख्य मोटर मार्ग से घटनास्थल तक जाने के लिए भी पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। जिसके चलते प्रशासन की टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी वक्त लगा।
जिंदा निकलने की आस में ग्रामीणों ने हटाया मलबा
बागेश्वर। रविवार की सुबह प्रशासन को पहुंचने में देरी होने पर ग्रामीणों ने खुद ही मकान का मलबा हटाना शुरु कर दिया। ग्राम प्रधान मंगल रावत ने कहा कि मलबे में दफन लोगों के जिंदा बाहर निकलने की उम्मीद में ग्रामीणों ने मलबा हटाया। युवा महिपाल सिंह, विजय सिंह, भूपाल सिंह, हिमांशु जोशी, बहादुर सिंह सहित तमाम ग्रामीण मलबा हटाने में जुट गए। हालांकि समय बीतने के साथ ही मलबे में दबे लोगों के जिंदा निकलने की उम्मीद भी क्षीण होती जा रही थी, लेकिन ग्रामीण विश्वास के साथ मलबा साफ करते रहे। जब तक प्रशासन की टीम गांव पहुंची, आधे से अधिक मलबा साफ किया जा चुका था।
बारिश ने बढ़ाई रेस्क्यू में परेशानी
बागेश्वर। रविवार की सुबह भी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। जिसके कारण खोज-बचाव के काम में जुटे ग्रामीणों और एसडीआरएफ की टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हर किसी ने लगा दी ऐठाणवण की ओर दौड़
बागेश्वर। घटना की सूचना के बाद विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, जिपं अध्यक्ष बसंती देव, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, एडीएम चंद्र सिंह इमलाल, एसडीएम प्रमोद कुमार, तहसीलदार पूजा शर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा, कपकोट के थानाध्यक्ष मदन लाल, नरेंद्र सिंह कोरंगा, राजस्व अधिकारियों के साथ ही तमाम लोग मौके पर पहुंचे। मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
प्रशासन ने दी 12 लाख 3800 रुपये की आर्थिक सहायता
बागेश्वर। एडीएम चंद्र सिंह इमलाल और एसडीएम प्रमोद कुमार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने मृतक गोविंद सिंह के पुत्र लक्की सिंह और गुलशन सिंह के नाम के नाम के 12 लाख रुपये के आर्थिक सहायता चेक मृतक गोविंद सिंह के पिता प्रताप सिंह को सौंपे। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को 3800 रुपये मौके पर ही प्रदान किए।

सीएम और सांसद ने दुख जताया
बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐठाणवण हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम शोक प्रकट करते हुए कहा है कि सुमगढ़ के ऐठाणवण में दुखद हादसे की जानकारी मिली है। सरकार प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। सांसद अजय टम्टा ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
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