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बदरीनाथ, केदारनाथ में शराब बंदी तो कौसानी में क्यों नहीं : रावत
Tue, 02 Sep 2025 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:57 PM IST
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कौसानी (बागेश्वर)। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कौसानी में शराब की दुकान में सांकेतिक तालाबंदी की। कांग्रेसियों ने बारिश के बावजूद दुकान के आगे धरना दिया। जल्द शराब की दुकान बंद नहीं होने पर दो अक्तूबर से कौसानी में आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को पूर्व सीएम रावत चनौदा होते हुए कौसानी पहुंचे। धरनास्थल पर उन्होंने कहा कि कौसानी सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं है यह आजादी के नायक महात्मा गांधी की तपस्थली रही है। अगर सरकार बदरीनाथ, केदारनाथ में शराबबंदी कर सकती है तो इस पवित्र स्थल पर क्यों शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी गई है।
रावत ने कहा कि सरकार ने कम से कम पद्मश्री राधा बहन का ही लिहाज कर लिया होता जिन्होंने अपना पूरा जीवन शराब जैसी सामाजिक बुराइयों के विरोध में खपाया है। सरला बहन की कर्मस्थली और बापू की तपस्थली पर शराब की दुकान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार दुकान बंद नहीं करेगी तो पूरे प्रदेश से लोग कौसानी आएंगे और जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि महात्मा गांधी ने जहां अनासक्ति योग की भूमिका लिखी थी। जहां सुमित्रानंदन पंत के साहित्य और रचनात्मकता को स्थान मिलना था वहां राजस्व वसूली के नाम पर शराब की दुकान खोलना निंदनीय है। इस दौरान भुवन पाठक, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, बलवंत नेगी, क्षेपं सदस्य देवेंद्र परिहार आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को पूर्व सीएम रावत चनौदा होते हुए कौसानी पहुंचे। धरनास्थल पर उन्होंने कहा कि कौसानी सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं है यह आजादी के नायक महात्मा गांधी की तपस्थली रही है। अगर सरकार बदरीनाथ, केदारनाथ में शराबबंदी कर सकती है तो इस पवित्र स्थल पर क्यों शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी गई है।
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रावत ने कहा कि सरकार ने कम से कम पद्मश्री राधा बहन का ही लिहाज कर लिया होता जिन्होंने अपना पूरा जीवन शराब जैसी सामाजिक बुराइयों के विरोध में खपाया है। सरला बहन की कर्मस्थली और बापू की तपस्थली पर शराब की दुकान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार दुकान बंद नहीं करेगी तो पूरे प्रदेश से लोग कौसानी आएंगे और जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि महात्मा गांधी ने जहां अनासक्ति योग की भूमिका लिखी थी। जहां सुमित्रानंदन पंत के साहित्य और रचनात्मकता को स्थान मिलना था वहां राजस्व वसूली के नाम पर शराब की दुकान खोलना निंदनीय है। इस दौरान भुवन पाठक, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, बलवंत नेगी, क्षेपं सदस्य देवेंद्र परिहार आदि मौजूद रहे।