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Bageshwar News: असुविधाओं की मार, कतार में बीमार
Thu, 19 Jun 2025 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 19 Jun 2025 11:29 PM IST
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बागेश्वर में जिला अस्पताल के फिजिशियन कक्ष के बाहर सुबह 10 बजकर 11 मिनट पर लगी मरीजों की भीड़।
बागेश्वर। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को असुविधाओं की मार सहनी पड़ रही है। ओपीडी के अधिकतर कक्षों में ताला लटका है। सीएमएस के कमरे में भी तीन दिन से सन्नाटा पसरा है। दूर-दराज से उपचार के लिए पहुंचने वाले रोगियों को घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी एक अदद चिकित्सक की सलाह के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रभारी सीएमओ के पास कोई जवाब नहीं है।
अस्पताल में ईएनटी का पद रिक्त है। हड्डी और नेत्र रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। अस्पताल में दो फिजिशियन हैं, जिसमें से एक की चारधाम यात्रा में ड्यूटी लगी है। ऐसे में अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीजों की जांच के लिए बाल रोग, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और फिजिशियन ही हैं। सबसे अधिक मरीज फिजिशियन और सर्जन के पास जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कई बार भीड़ को संभालना मुश्किल होता रहा है। संवाद
ओपीडी का समय आठ बजे, चिकित्सक 10 बजे तक गायब
जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने का समय सुबह आठ बजे है लेकिन अधिकतर चिकित्सक देर से पहुंच रहे हैं। पर्ची काउंटर पर आठ बजे से लोगों की कतार लग जाती है। हर कोई समय से उपचार कराने के बाद लौटने की चाहत में चिकित्सकों के कक्षों में पर्ची लगाकर इंतजार करते हैं। चिकित्सकों के देर से पहुंचने तक ओपीडी में खासी पर्चियां जमा हो जाती हैं।
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सीएमएस की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे चिकित्सक
जिला अस्पताल इन दिनों सीएमएस विहीन हो गया है। अस्पताल में तैनात प्रभारी सीएमएस डॉ. एसपी त्रिपाठी का जिला अस्पताल से स्थानांतरण हो गया है। स्थानांतरण की सूचना मिलते ही वे अवकाश पर चले गए हैं। जिला अस्पताल में नवनियुक्त प्रभारी सीएमएस ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। जिले के सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी भी इन दिनों अवकाश पर हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. अनुपमा ह्यांकी ने बताया कि जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव उपाध्याय को प्रभारी सीएमएस की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन जब डॉ. उपाध्याय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सीएमएस का प्रभार डॉ. डीपी शुक्ला के पास है। डॉ. शुक्ला भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने लगे और सवालों का जवाब नहीं दे पाए।
फिजिशियन बीमार, कक्ष के बाहर मरीजों की कतार
जिला अस्पताल में इन दिनों सबसे अधिक मरीजों की जांच करने वालीं फिजिशियन डॉ. प्रीति यादव के स्वास्थ्य में गिरावट है। बृहस्पतिवार को वह सुबह 10 बजे ओपीडी में पहुंचीं, तब तक उनके कक्ष में 30 से अधिक मरीज अपनी पर्चियां लगा चुके थे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने डॉ. डीपी शुक्ला को बताया कि उनकी तबीयत बहुत खराब है। आज मरीजों को नहीं देख पाएंगी। किसी तरह उनसे निवेदन कर उन्हें मरीजों को देखने के लिए तैयार किया किया गया। इसके बाद सवा दस बजे उन्होंने पहले मरीज की जांच की, जबकि मरीज सुबह आठ बजे से उनका इंतजार कर रहे थे।
कोट
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं होना गंभीर मामला है। जल्द ही अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आशीष भटगांई, डीएम बागेश्वर
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अस्पताल में ईएनटी का पद रिक्त है। हड्डी और नेत्र रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। अस्पताल में दो फिजिशियन हैं, जिसमें से एक की चारधाम यात्रा में ड्यूटी लगी है। ऐसे में अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीजों की जांच के लिए बाल रोग, महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और फिजिशियन ही हैं। सबसे अधिक मरीज फिजिशियन और सर्जन के पास जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कई बार भीड़ को संभालना मुश्किल होता रहा है। संवाद
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ओपीडी का समय आठ बजे, चिकित्सक 10 बजे तक गायब
जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने का समय सुबह आठ बजे है लेकिन अधिकतर चिकित्सक देर से पहुंच रहे हैं। पर्ची काउंटर पर आठ बजे से लोगों की कतार लग जाती है। हर कोई समय से उपचार कराने के बाद लौटने की चाहत में चिकित्सकों के कक्षों में पर्ची लगाकर इंतजार करते हैं। चिकित्सकों के देर से पहुंचने तक ओपीडी में खासी पर्चियां जमा हो जाती हैं।
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सीएमएस की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे चिकित्सक
जिला अस्पताल इन दिनों सीएमएस विहीन हो गया है। अस्पताल में तैनात प्रभारी सीएमएस डॉ. एसपी त्रिपाठी का जिला अस्पताल से स्थानांतरण हो गया है। स्थानांतरण की सूचना मिलते ही वे अवकाश पर चले गए हैं। जिला अस्पताल में नवनियुक्त प्रभारी सीएमएस ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। जिले के सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी भी इन दिनों अवकाश पर हैं। प्रभारी सीएमओ डॉ. अनुपमा ह्यांकी ने बताया कि जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव उपाध्याय को प्रभारी सीएमएस की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन जब डॉ. उपाध्याय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सीएमएस का प्रभार डॉ. डीपी शुक्ला के पास है। डॉ. शुक्ला भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने लगे और सवालों का जवाब नहीं दे पाए।
फिजिशियन बीमार, कक्ष के बाहर मरीजों की कतार
जिला अस्पताल में इन दिनों सबसे अधिक मरीजों की जांच करने वालीं फिजिशियन डॉ. प्रीति यादव के स्वास्थ्य में गिरावट है। बृहस्पतिवार को वह सुबह 10 बजे ओपीडी में पहुंचीं, तब तक उनके कक्ष में 30 से अधिक मरीज अपनी पर्चियां लगा चुके थे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने डॉ. डीपी शुक्ला को बताया कि उनकी तबीयत बहुत खराब है। आज मरीजों को नहीं देख पाएंगी। किसी तरह उनसे निवेदन कर उन्हें मरीजों को देखने के लिए तैयार किया किया गया। इसके बाद सवा दस बजे उन्होंने पहले मरीज की जांच की, जबकि मरीज सुबह आठ बजे से उनका इंतजार कर रहे थे।
कोट
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं होना गंभीर मामला है। जल्द ही अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आशीष भटगांई, डीएम बागेश्वर