फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Historical temple, how was mining approved near the population?

Bageshwar News: ऐतिहासिक मंदिर, आबादी के निकट कैसे मिली खनन की मंजूरी?

Sun, 16 Apr 2023 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sun, 16 Apr 2023 10:42 PM IST
विज्ञापन
Historical temple, how was mining approved near the population?
बागेश्वर के कांडा में आबादी के बीच स्थित खड़िया खान। संवाद
कांडा/बागेश्वर। अगाध आस्था के केंद्र महाकाली मंदिर और आबादी से नजदीक खड़िया खनन की अनुमति देने और खदान से पैदा हो रहे खतरे की अनदेखी करने पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। आबादी के नजदीक खनन का कार्य होने से कांडे कन्याल में मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं।
विज्ञापन

कांडा के महाकाली मंदिर और आबादी के पास खड़िया खदान को मंजूरी देने का दंश क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। कांडे कन्याल के कई मकानों में दरार आ गई है। कांडे कन्याल निवासी हेम चंद्र कांडपाल ने बताया कि खड़िया खनन के कारण जमीन धंस रही है। इससे उनके मकान में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। दुकान में भी दरार आई है। मकान का फर्श क्षतिग्रस्त होने लगा है। महाकाली मंदिर परिसर में भी दरारें आई हैं।
विज्ञापन

महाकाली मंदिर के प्रधान सेवक अर्जुन सिंह माजिला का कहना है कि खड़िया खनन के कारण आठवीं सदी में आदि गुरु शंकराचार्य के हाथों स्थापित मंदिर पर गंभीर खतरा मंडरा गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर और आबादी के पास कैसे खड़िया खनन का पट्टा जारी कर दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। खड़िया खनन का पट्टा निरस्त होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
कई साल तक बंद रहा खनन
बागेश्वर। कांडा पड़ाव के पास खड़िया खदान को करीब 10 वर्ष पहले मंजूरी मिलने की बात सामने आ रही है। उम्मीद के अनुरूप खड़िया न निकलने के कारण करीब पांच साल तक खनन का काम बंद रहा। खदान के कई संचालक बदलने की बात भी सामने आ रही है। केएमवीएन के रसोई गैस गोदाम की जमीन खुर्द-बुर्द करने की कोशिश के आरोप लग रहे हैं। केएमवीएन के जीएम एपी वाजपेई ने खड़िया खान के कारण रसोई गैस गोदाम का लाइसेंस निरस्त होने का खतरा मंडराने का मामला प्रशासन के सामने उठाया है। इससे मामला और गंभीर हो गया है। संवाद
इनसेट
गैस गोदाम की जमीन का हो रहा सीमांकन
बागेश्वर। केएमवीएन के महाप्रबंधक ने 28 अक्तूबर 2016 को एसडीएम कांडा को पत्र भेजकर केएमवीएन की जमीन का सीमांकन कराने का मामला उठाया था। बीते 31 जनवरी को इस संबंध में जीएम ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। बीते 17 मार्च को डीएम और एसडीएम को निगम के जीएम ने फिर पत्र भेजा। गैस गोदाम के पास हो रहे खनन का मामला उठाते हुए जमीन को खुर्द-बुर्द करने अंदेशा जताया था। डीएम अनुराधा पाल ने बीते 18 मार्च को कांडा की एसडीएम मोनिका को गैस गोदाम की जमीन का नियमानुसार नीमांकन कराने का आदेश दिया था। वर्तमान में जमीन का सीमांकन किया जा रहा है। संवाद
इनसेट
एक पिट पर रोका काम
बागेश्वर। कांडा की एसडीएम मोनिका ने बताया कि कांडा की खड़िया खदान में एक पिट का काम पूरी तरह से रोक दिया गया है। भू वैज्ञानिक प्रकरण की जांच कर रहे हैं। खदान पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवाद

कोट
डीएम मैम के आदेश पर कांडा गैस गोदाम की जमीन का सीमांकन किया जा रहा है। खड़िया खदान की जमीन का भी सीमांकन किया जा रहा है। जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगने के बाद आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
मोनिका एसडीएम कांडा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed