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थापली और जौलकांडे के जंगल में लगी आग
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बागेश्वर में थापली के जंगल में आग लगने से उठता धुंआ। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। गर्मी बढ़ने के साथ जंगल में आग की घटनाओं में भी तेजी आने लगी है। जिला मुुख्यालय के समीपवर्ती क्षेत्र थापली और जौलकांडे को जोड़ने वाले जंगल में आग लगने से अनमोल वन संपदा को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की सूचना के आधार पर मौके पर गई पुलिस ने आग पर काबू पा लिया।
पिछले दिनों हुई बारिश से कांडा और कपकोट क्षेत्र में वनों में लगी आग बुझ गई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही जिला मुख्यालय के नजदीकी जंगल सुलग उठे। थापली और जौलकांडे के बीच वाले में जंगल जलने के बाद मंगलवार को काला धुआं आसमान में फैल गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर गए और उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि कर्मचारियों के पहुंचने तक आग जंगल के बड़े भूभाग में फैल चुकी थी, जिसे बुझाने के लिए कर्मचारियों को काफी प्रयास करना पड़ा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में आग लगने से ग्रामीणों की चारा पत्ती भी जलकर नष्ट हो जाती है। आग की रोकथाम के लिए वन विभाग को जंगलों की कड़ी निगरानी करनी चाहिए। वहीं वन विभाग के रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि थापली के जंगल में लगी आग बुझा दी गई है। विभाग की ओर से जंगलों को जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शरारती तत्वों ने जंगलों में लगाई आग
रानीखेत (अल्मोड़ा)। शरारती तत्वों ने यहां बजीना वन पंचायत के जंगलों में आग लगा दी। इस कारण वनों की कई प्रजातियां जलकर राख हो गईं। बजीना वन पंचायत के चीड़ बहुल जंगल मंगलवार को धधकने लगा। आग विकराल होकर पाखुड़ा क्षेत्र तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर संरक्षित प्रजाति के पौधे और वन्यजीव भी आ गए। इधर, वन क्षेत्राधिकारी डीएस खोलिया ने बताया कि आग लगाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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पिछले दिनों हुई बारिश से कांडा और कपकोट क्षेत्र में वनों में लगी आग बुझ गई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही जिला मुख्यालय के नजदीकी जंगल सुलग उठे। थापली और जौलकांडे के बीच वाले में जंगल जलने के बाद मंगलवार को काला धुआं आसमान में फैल गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर गए और उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि कर्मचारियों के पहुंचने तक आग जंगल के बड़े भूभाग में फैल चुकी थी, जिसे बुझाने के लिए कर्मचारियों को काफी प्रयास करना पड़ा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में आग लगने से ग्रामीणों की चारा पत्ती भी जलकर नष्ट हो जाती है। आग की रोकथाम के लिए वन विभाग को जंगलों की कड़ी निगरानी करनी चाहिए। वहीं वन विभाग के रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि थापली के जंगल में लगी आग बुझा दी गई है। विभाग की ओर से जंगलों को जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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शरारती तत्वों ने जंगलों में लगाई आग
रानीखेत (अल्मोड़ा)। शरारती तत्वों ने यहां बजीना वन पंचायत के जंगलों में आग लगा दी। इस कारण वनों की कई प्रजातियां जलकर राख हो गईं। बजीना वन पंचायत के चीड़ बहुल जंगल मंगलवार को धधकने लगा। आग विकराल होकर पाखुड़ा क्षेत्र तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर संरक्षित प्रजाति के पौधे और वन्यजीव भी आ गए। इधर, वन क्षेत्राधिकारी डीएस खोलिया ने बताया कि आग लगाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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