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Uttarakhand Ramlila: 135 साल पुरानी रामलीला...पहली बार बेटियां बनेंगी राम-लक्ष्मण, जारी रहेगी ये खास परंपरा

Mon, 22 Sep 2025 01:49 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 22 Sep 2025 01:49 PM IST
सार

बागेश्वर की 135 साल पुरानी रामलीला में पहली बार बालिकाएं प्रमुख किरदार निभाएंगी। यह रामलीला ब्रिटिश काल से नुमाइशखेत मैदान में कुमाऊंनी गायन शैली में आयोजित होती है।

 

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For the first time girls will play the lead roles in the 135-year-old Ramlila at bageshwar
बागेश्वर के रामलीला भवन में तालीम लेते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऐतिहासिक नगरी बागेश्वर की 135 साल पुरानी रामलीला में इस बार अभिनव प्रयोग होने जा रहा है। पहली बार बालिकाएं रामलीला के प्रमुख किरदार निभाएंगी। नुमाइशखेत मैदान में होने वाली रामलीला ब्रिटिश दौर से जारी है। यहां कुमाऊंनी शैली की गायन परंपरा के आधार पर संवाद मंचन होता है।

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जिले में रामलीला की शुरूआत कब हुई इसको लेकर कोई लिखित या स्पष्ट प्रमाण नहीं है। रामलीला कमेटी से जुड़े लोग भी इसे लेकर अलग-अलग राय रखते हैं। कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कंचन साह बताते हैं कि जिले में 1948 से रामलीला होती थी।

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कमेटी के संरक्षक उमेश साह रामलीला कमेटी के संरक्षक उमेश साह बताते हैं कि रामलीला की शुरुआत कब हुई इसका कोई लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। पूर्वजों के बताए गए समय के अनुसार जिले में रामलीला 1890 में शुरू हुई थी। 1927 से 1948 के बीच अपरिहार्य कारणों से बागेश्वर में रामलीला का मंचन नहीं हो पाया था।

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वर्ष 1949 में दोबारा नगरवासियों ने रामलीला की शुरुआत करते हुए चौक बाजार में रामलीला मंचन किया गया। इसके अगले साल से रामलीला मंचन नुमाइशखेत में किया जाने लगा, जो अब तक जारी है। पिछले साल तक रामलीला में बालिकाओं को केवल कोरस गायन का ही मौका मिल पाता था। इस साल कई प्रमुख पात्र में बालिकाएं अभिनय करेंगी।

प्रमुख किरदार निभाने वाली बालिकाएं
22 सितंबर से होने वाली रामलीला के लिए इन दिनों तालीम चल रही है। बालिकाओं के शामिल होने से रात की बजाय दिन में प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इस साल की रामलीला में अंजलि दफौटी को राम, दीया भंडारी को सीता, गीतांजलि साह को लक्ष्मण, एंजल को भरत, मानवी को शत्रुघ्न के पात्र के लिए चयनित किया गया है। सखी और कोरस में भी बालिकाएं पाठ खेलेंगी। रामलीला कमेटी के भवन में रामलीला के निर्देशक दीप साह इन बालिकाओं को अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं। सभी बालिकाएं पहली बार रामलीला में अभिनय कर रही हैं। इस नई पहल का हिस्सा बनकर वह बेहद उत्साहित हैं।

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