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जंगल की आग डीनापानी इंटर कॉलेज तक पहुंची
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अल्मोड़ा डीनापानी के जंगल में लगी आग
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जंगलों की आग बृहस्पतिवार को राजकीय इंटर कॉलेज डीनापानी परिसर तक पहुंच गई। गनीमत रही कि शाम को स्कूल में कोई न था। अल्मोड़ा जिले के डीनापानी के जंगल आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना वन विभाग को दी।
बृहस्पतिवार शाम को जंगल की आग राजकीय इंटर कॉलेज डीनापानी तक पहुंच गई। स्कूल दिन में ही बंद हो गया था और वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाई। जिले के विभिन्न स्थानों पर जंगलों में आग लगी है और वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है।
बागेश्वर। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश वन विभाग के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से जिले के तमाम जंगलों में लगी आग बुझ गई है। जिला मुख्यालय सहित घाटी वाले इलाकों में फैला धुआं भी काफी हद तक छंट चुका है। प्रदूषण का स्तर कम होने से आंख और सांस संबंधी परेशानियों में भी कमी आई है।
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फायर सीजन के दौरान जिले के तमाम जंगल धधक चुुके हैं। जिला मुख्यालय समेत गरुड़, कपकोट, काफलीगैर, दुग नाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र के जंगलों के जलने का सिलसिला लगातार चलता रहा। होली के बाद से दो मई तक जिले में वनाग्नि की 145 घटनाएं दर्ज हुई और 210 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया। करीब साढ़े छह लाख रुपये का नुकसान भी हुआ है। वन विभाग आग को बुझा पाने में विफल साबित हो रहा था, ऐसे में मौसम की मेहरबानी से जंगलों को कुछ हद तक आग से राहत मिली है। धुआं छंटने के बाद घाटी वाले इलाकों में रहने वालों की परेशानी भी कुछ कम हुई है। आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए बारिश औषधि बनकर बरसी। जिले में अभी बारिश होने के आसार बने हुए हैं, जिसे देखते हुए आने वाले एक-दो दिन तक जंगलों के आग से बचे रहने की उम्मीद है।
आग की सूचना देने पर पुरस्कृत होंगे ग्राम प्रहरी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं पर प्रशासन, दमकल विभाग और वन विभाग सतर्क हो गया है। बृहस्पतिवार को न्याय पंचायत सगनेटी डौड़ाखान में प्रशासन और वनाधिकारियों की ग्रामीणों के साथ बैठक हुई। जंगलों में लग रही आग को लेकर ग्रामीणों से सहयोग मांगा गया और नवयुवक मंगल तथा महिला मंगल दलों से भी सहयोग की अपील की गई। डौड़ाखाल में हुई बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से फायर सीजन को देखते हुए खेतों में कूड़े को आग नहीं लगाने को कहा गया। निर्णय लिया गया कि आग की सूचना देने वाले ग्राम प्रहरियों को पुरस्कृत किया जाएगा। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन, उपनिरीक्षक राजस्व विपुल चौहान, किरन खाती, प्रदीप कुमार, नीरज सिंह, वन क्षेत्राधिकारी धीरज कुमार जोशी, सरपंच रणजीत सिंह आदि थे।
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बृहस्पतिवार शाम को जंगल की आग राजकीय इंटर कॉलेज डीनापानी तक पहुंच गई। स्कूल दिन में ही बंद हो गया था और वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाई। जिले के विभिन्न स्थानों पर जंगलों में आग लगी है और वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है।
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बागेश्वर। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश वन विभाग के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से जिले के तमाम जंगलों में लगी आग बुझ गई है। जिला मुख्यालय सहित घाटी वाले इलाकों में फैला धुआं भी काफी हद तक छंट चुका है। प्रदूषण का स्तर कम होने से आंख और सांस संबंधी परेशानियों में भी कमी आई है।
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फायर सीजन के दौरान जिले के तमाम जंगल धधक चुुके हैं। जिला मुख्यालय समेत गरुड़, कपकोट, काफलीगैर, दुग नाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र के जंगलों के जलने का सिलसिला लगातार चलता रहा। होली के बाद से दो मई तक जिले में वनाग्नि की 145 घटनाएं दर्ज हुई और 210 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया। करीब साढ़े छह लाख रुपये का नुकसान भी हुआ है। वन विभाग आग को बुझा पाने में विफल साबित हो रहा था, ऐसे में मौसम की मेहरबानी से जंगलों को कुछ हद तक आग से राहत मिली है। धुआं छंटने के बाद घाटी वाले इलाकों में रहने वालों की परेशानी भी कुछ कम हुई है। आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए बारिश औषधि बनकर बरसी। जिले में अभी बारिश होने के आसार बने हुए हैं, जिसे देखते हुए आने वाले एक-दो दिन तक जंगलों के आग से बचे रहने की उम्मीद है।
आग की सूचना देने पर पुरस्कृत होंगे ग्राम प्रहरी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं पर प्रशासन, दमकल विभाग और वन विभाग सतर्क हो गया है। बृहस्पतिवार को न्याय पंचायत सगनेटी डौड़ाखान में प्रशासन और वनाधिकारियों की ग्रामीणों के साथ बैठक हुई। जंगलों में लग रही आग को लेकर ग्रामीणों से सहयोग मांगा गया और नवयुवक मंगल तथा महिला मंगल दलों से भी सहयोग की अपील की गई। डौड़ाखाल में हुई बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से फायर सीजन को देखते हुए खेतों में कूड़े को आग नहीं लगाने को कहा गया। निर्णय लिया गया कि आग की सूचना देने वाले ग्राम प्रहरियों को पुरस्कृत किया जाएगा। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन, उपनिरीक्षक राजस्व विपुल चौहान, किरन खाती, प्रदीप कुमार, नीरज सिंह, वन क्षेत्राधिकारी धीरज कुमार जोशी, सरपंच रणजीत सिंह आदि थे।