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बागेश्वर में त्रिकोणीय, कपकोट में सीधा मुकाबला
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Election in Bageshwar
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बागेश्वर। विधानसभा चुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार को होगी। बागेश्वर में इस बार कांग्रेस, भाजपा और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला दिख रहा है जबकि कपकोट क्षेत्र में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में है।
बागेश्वर में इस बार भाजपा, कांग्रेस, आप, बसपा, सपा समेत आठ प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव अभियान की शुरुआत में आप जोशखरोश में दिखी। चुनाव प्रचार बढ़ते ही कांग्रेस और भाजपा के अभियान में तेजी आई। 14 फरवरी को मतदान के दिन कई क्षेत्रों में प्रमुख दलों का दबदबा दिखा। अधिकतर मतदान केंद्रों में कांग्रेस, भाजपा, आप को छोड़कर अन्य दलों और प्रत्याशियों के अभिकर्ता तक नहीं दिखे। नगर क्षेत्र से कांग्रेस को बढ़त मिलने के आसार हैं। लोगों की जुबां पर परिवर्तन का नारा भी था। मतदान तिथि के रुझान के मुताबिक कांग्रेस को गरुड़, खोली, काकड़ा, मिहिनिया, द्यांगण क्षेत्र से बढ़त मिल सकती है।
भाजपा ने चुनाव अभियान में पूरी ताकत झोंकी। भाजपा को कैडर वोट का सहारा है। इस बार भाजपा को एंटी इनकमबेंसी का भी नुकसान झेलना पड़ा है। भाजपा प्रत्याशी तीन बार के विधायक हैं। आप को खरही क्षेत्र से बढ़त मिलने की उम्मीद है। गरुड़ क्षेत्र के कई बूथों में भी आप का दबदबा दिखा। बागेश्वर सीट पर भाजपा प्रत्याशी चंदन राम दास, कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत दास, आप प्रत्याशी बसंत कुमार में से किसके पक्ष में जनादेश आएगा, इसके लिए 10 मार्च की दोपहर तक इंतजार करना होगा।
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कपकोट में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कपकोट में कांग्रेस ने पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण को मैदान में उतारा जबकि भाजपा ने विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के स्थान पर नए प्रत्याशी सुरेश गढ़िया को प्रत्याशी बनाया। मतदान के दिन किसी क्षेत्र में कांग्रेस तो किसी क्षेत्र में भाजपा का दबदबा दिखा। किसी इलाके में आप की उपस्थिति भी देखी गई। कपकोट में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमटा है। इसमें किसी प्रकार का संशय नहीं है। आप ने कपकोट में मुकाबला त्रिकोणीय बनाने की कोशिश अवश्य की। कपकोट में अंतिम समय में बसपा प्रत्याशी हरगोविंद जोशी ने आप प्रत्याशी भूपेश उपाध्याय को समर्थन दे दिया था। इसके बावजूद आप मुख्य मुकाबले में नहीं दिखी। कल जनादेश सबके सामने होगा। तब तक कयासबाजी का दौर चलता रहेगा।
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बागेश्वर में इस बार भाजपा, कांग्रेस, आप, बसपा, सपा समेत आठ प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव अभियान की शुरुआत में आप जोशखरोश में दिखी। चुनाव प्रचार बढ़ते ही कांग्रेस और भाजपा के अभियान में तेजी आई। 14 फरवरी को मतदान के दिन कई क्षेत्रों में प्रमुख दलों का दबदबा दिखा। अधिकतर मतदान केंद्रों में कांग्रेस, भाजपा, आप को छोड़कर अन्य दलों और प्रत्याशियों के अभिकर्ता तक नहीं दिखे। नगर क्षेत्र से कांग्रेस को बढ़त मिलने के आसार हैं। लोगों की जुबां पर परिवर्तन का नारा भी था। मतदान तिथि के रुझान के मुताबिक कांग्रेस को गरुड़, खोली, काकड़ा, मिहिनिया, द्यांगण क्षेत्र से बढ़त मिल सकती है।
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भाजपा ने चुनाव अभियान में पूरी ताकत झोंकी। भाजपा को कैडर वोट का सहारा है। इस बार भाजपा को एंटी इनकमबेंसी का भी नुकसान झेलना पड़ा है। भाजपा प्रत्याशी तीन बार के विधायक हैं। आप को खरही क्षेत्र से बढ़त मिलने की उम्मीद है। गरुड़ क्षेत्र के कई बूथों में भी आप का दबदबा दिखा। बागेश्वर सीट पर भाजपा प्रत्याशी चंदन राम दास, कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत दास, आप प्रत्याशी बसंत कुमार में से किसके पक्ष में जनादेश आएगा, इसके लिए 10 मार्च की दोपहर तक इंतजार करना होगा।
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कपकोट में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कपकोट में कांग्रेस ने पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण को मैदान में उतारा जबकि भाजपा ने विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के स्थान पर नए प्रत्याशी सुरेश गढ़िया को प्रत्याशी बनाया। मतदान के दिन किसी क्षेत्र में कांग्रेस तो किसी क्षेत्र में भाजपा का दबदबा दिखा। किसी इलाके में आप की उपस्थिति भी देखी गई। कपकोट में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमटा है। इसमें किसी प्रकार का संशय नहीं है। आप ने कपकोट में मुकाबला त्रिकोणीय बनाने की कोशिश अवश्य की। कपकोट में अंतिम समय में बसपा प्रत्याशी हरगोविंद जोशी ने आप प्रत्याशी भूपेश उपाध्याय को समर्थन दे दिया था। इसके बावजूद आप मुख्य मुकाबले में नहीं दिखी। कल जनादेश सबके सामने होगा। तब तक कयासबाजी का दौर चलता रहेगा।