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मांग पत्र पढ़ने के बाद भी घोषणा नहीं होने से मिली निराशा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:05 PM IST
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दूसरी बार जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस बार जनता को बड़ी उम्मीदें थीं। मगर कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से जनता के लिए उनका यह दौरा निराशाजनक रहा। यहां तक कि क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास और नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल की और पढ़े गए मांग पत्रों में से एक भी मांग पर मुख्यमंत्री ने गौर नहीं किया।
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मंच पर विधायक चंदन दास ने बेस अस्पताल के लिए धनराशि स्वीकृत करने, मैगड़ीस्टेट में स्वास्थ्य केंद्र खोलने, दफौट में ऐलोपैथिक अस्पताल खोलने, देवलधार में आईटीआई सहित इंटर कॉलेजों का उच्चीकरण, डिग्री कॉलेज बागेश्वर में पीजी में विधि संकाय, मंडलसेरा में पेयजल योजना का निर्माण और चौगांवछीना में आईटीआई खोलने का मांग पत्र पढ़ा, लेकिन इनमें से मुख्यमंत्री ने एक भी घोषणा नहीं की।
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इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल ने कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण के लिए धनराशि एवं जमीन उपलब्ध कराने, पार्किंग के लिए जमीन व धन उपलब्ध कराने, नुमाइशखेत मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने, विद्युत शवदाह गृह के लिए दो करोड़ रुपये की स्वीकृति, पेयजल के लिए बोर वैल, नीलेश्वर व भीलेश्वर में ईको पार्क विकसित करने का मांग पत्र पढ़ा।
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इनमें से भी कोई मांग पूरी नहीं होने से जनप्रतिनिधियों के साथ ही जनता को भी निराशा हाथ लगी। लोगों को मंच से गरुड़ नगर पंचायत की घोषणा करने की उम्मीद भी थी, लेकिन नगर पंचायत का कोई जिक्र नहीं आया। इससे उम्मीद लगाए लोगों में निराशा का माहौल नजर आया।