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Bageshwar News: चरस तस्कर को 10 साल का कठोर कारावास
Fri, 03 Nov 2023 12:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 03 Nov 2023 12:29 AM IST
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने चरस तस्करी के आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
कथानक के अनुसार 17 अक्तूबर 2022 को एसओजी प्रभारी कुंदन रौतेला साथी कर्मचारियों के साथ मंडलसेरा बाईपास पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक युवक पीठ पर बैग लटकाए आते दिखा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम प्रह्लाद उर्फ पप्पू, निवासी बिहारपुर, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश बताया। युवक ने अपने पास चरस होने की बात कही। सीओ अंकित कंडारी के समक्ष तलाशी लेने पर उसके पास से 1.264 किलोग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने नौ गवाह पेश कराए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और विधि विज्ञानशाला की परीक्षण आख्या रिपोर्ट के आधार आरोपी पर दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।
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कथानक के अनुसार 17 अक्तूबर 2022 को एसओजी प्रभारी कुंदन रौतेला साथी कर्मचारियों के साथ मंडलसेरा बाईपास पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक युवक पीठ पर बैग लटकाए आते दिखा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम प्रह्लाद उर्फ पप्पू, निवासी बिहारपुर, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश बताया। युवक ने अपने पास चरस होने की बात कही। सीओ अंकित कंडारी के समक्ष तलाशी लेने पर उसके पास से 1.264 किलोग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने नौ गवाह पेश कराए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और विधि विज्ञानशाला की परीक्षण आख्या रिपोर्ट के आधार आरोपी पर दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।
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