बागेश्वर। महालक्ष्मी पूजा के दिन जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट, कांडा, धरमघर के बाजारों में लोगों की खासी भीड़ रही। लोगों ने खूब दीपावली की सामग्री खरीदी लेकिन इस बार अन्य वर्षों की तुलना में पटाखों की बिक्री कम हुई। पिछले साल बागेश्वर जिले में दीपावली का कारोबार मय पटाखा करीब तीन करोड़ रुपये का रहा था। इस बार यह व्यापार करीब दो करोड़ में सिमट गया है। अमर उजाला के पटाखा रहित दिवाली के अभियान का भी इसमें असर दिखा।
दीपावली पर सुबह से ही लोग बाजारों में पहुंचने लगे थे। लोगों ने खिल, बतासे, मिठाई, पूजा सामग्री, फलों की खरीदारी की। मिट्टी से बने दीयों की भी खूब खरीदारी हुई। शाम तक बाजारों में लोग खरीदारी करते रहे। जिला मुख्यालय में पटाखा बाजार में अन्य वर्षों की तरह भीड़ नहीं दिखाई दी। जिलेभर में पटाखे की 58 दुकानें लगी थीं। इसमें से 41 दुकानें जिला मुख्यालय में लगी थीं। इस बार पटाखा व्यवसायियों ने पटाखे भी कम मंगाए थे। चीन में बने पटाखे बाजार से गायब थे। पिछली बार तक पटाखा व्यवसाय दो करोड़ रुपये तक होता था लेकिन इस बार यह आंकड़ा करीब 90 लाख रह गया। शाम होते ही जिला मुख्यालय के साथ ही ग्रामीण इलाके बिजली की रोशनी से नहा उठे। लोगों ने घरों में पूजा, अर्चना की। पटाखे तो फूटे लेकिन अन्य वर्षों की तुलना में कम। पटाखों का सोर भी रात 11 बजे से पहले थम गया था।