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परीक्षा एक उत्साह कार्यक्रम से बढ़ाया परीक्षार्थियों का मनोबल
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बागेश्वर जीआईसी में परीक्षा एक उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते बालसखा प्रभारी प्रवक्ता संजय क?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज बागेश्वर के बालसखा प्रकोष्ठ ने अनूठी पहल के तहत परीक्षा एक उत्साह कार्यक्रम का आयोजन कर अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं से पूर्व विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया।
विद्यालय के बालसखा प्रकोष्ठ के प्रभारी संजय कुमार टम्टा ने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं को एक उत्साह के रूप में लेने के लिए मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों को घर से ही परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने, परीक्षा से पूर्व भरपूर नींद लेने, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई। टम्टा ने कहा कि परीक्षा कक्ष में समय से पूर्व पहुंच जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिकाओं में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और अपना नाम, कक्षा, क्रमांक आदि शुद्ध रूप में लिखना चाहिए।
प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ने और प्रश्नों को समझने के बाद जो प्रश्न आते हैं उनके उत्तर लिखना प्रारंभ करना चाहिए। प्रश्नपत्र हल करने में समय का ध्यान रखें। जिस प्रश्न का उत्तर जितने शब्दों में मांगा गया है, लगभग उतने ही शब्दों में लिखने का प्रयास करें। परीक्षा के दौरान तनाव होने पर चार-पांच बार गहरी सांस लेनी और छोड़नी चाहिए। ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा दो-तीन बार करने से स्वयं को तनावमुक्त महसूस करेंगे। कहा कि इससे परीक्षा कक्ष में तनाव दूर करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को एक उत्साह के रूप में लेना चाहिए। परीक्षा के दौरान अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास करना चहिए। यह विश्वास करें कि परीक्षा से पूर्व हमारी तैयारियां संपूर्ण हो चुकी हैं।
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प्रधानाचार्य दीपचंद जोशी ने परीक्षाओं को लेकर आवश्यक जानकारियां देते हुए छात्र, छात्राओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में हेम चंद्र जोशी, राजेश आगरी, गिरीश रावत, गोविंद प्रकाश, जितेंद्र कुमार जोशी, सुरेश राम, आलम रामपाल, नीलम कार्की, मनोज कांडपाल, जितेंद्र वर्मा, सरोज गौड़, इंदिरा दानू, आदि शिक्षक थे।
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विद्यालय के बालसखा प्रकोष्ठ के प्रभारी संजय कुमार टम्टा ने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं को एक उत्साह के रूप में लेने के लिए मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों को घर से ही परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने, परीक्षा से पूर्व भरपूर नींद लेने, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई। टम्टा ने कहा कि परीक्षा कक्ष में समय से पूर्व पहुंच जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिकाओं में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और अपना नाम, कक्षा, क्रमांक आदि शुद्ध रूप में लिखना चाहिए।
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प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ने और प्रश्नों को समझने के बाद जो प्रश्न आते हैं उनके उत्तर लिखना प्रारंभ करना चाहिए। प्रश्नपत्र हल करने में समय का ध्यान रखें। जिस प्रश्न का उत्तर जितने शब्दों में मांगा गया है, लगभग उतने ही शब्दों में लिखने का प्रयास करें। परीक्षा के दौरान तनाव होने पर चार-पांच बार गहरी सांस लेनी और छोड़नी चाहिए। ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा दो-तीन बार करने से स्वयं को तनावमुक्त महसूस करेंगे। कहा कि इससे परीक्षा कक्ष में तनाव दूर करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को एक उत्साह के रूप में लेना चाहिए। परीक्षा के दौरान अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास करना चहिए। यह विश्वास करें कि परीक्षा से पूर्व हमारी तैयारियां संपूर्ण हो चुकी हैं।
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प्रधानाचार्य दीपचंद जोशी ने परीक्षाओं को लेकर आवश्यक जानकारियां देते हुए छात्र, छात्राओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में हेम चंद्र जोशी, राजेश आगरी, गिरीश रावत, गोविंद प्रकाश, जितेंद्र कुमार जोशी, सुरेश राम, आलम रामपाल, नीलम कार्की, मनोज कांडपाल, जितेंद्र वर्मा, सरोज गौड़, इंदिरा दानू, आदि शिक्षक थे।