कपकोट (बागेश्वर)। फायर सीजन की शुरुआत से पूर्व ही वन विभाग सतर्क नजर आ रहा है। तहसील क्षेत्र के चिरपतकोट जंगल में विभागीय कर्मचारियों ने नियंत्रित फुंकान किया। जंगल में जमा पिरूल, सूखी घास और सूखी झाड़ियों को एक स्थान पर एकत्र कर आग के हवाले किया।
चिरपतकोट के जंगल में बुधवार की शाम से वन विभाग की टीम नियंत्रित फुंकान में जुटी है। जंगल से अचानक धुआं निकलता देखकर लोगों को जंगल में आग लगने की आशंका हुई। इसकी सूचना क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग को दी। विभागीय कर्मचारियों ने नियंत्रित फुकान करने की बात कही। वन क्षेत्राधिकारी शंकर दत्त कांडपाल ने बताया कि पिछले साल कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन रहा, जिसके कारण जंगल आग से बचे रहे। सर्दियों के सीजन में भी कपकोट के जंगलों में सबसे कम आग लगी। उन्होंने बताया कि इन दिनों जंगलों में कई स्थानों पर पिरुल जमा है, जिसकी सफाई कर नियंत्रित फुंकान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियंत्रित फुंकान के दौरान हरे पेड़, घास और पौधों को बचाते हुए एक स्थान पर सूखी पिरूल और घास को जलाया जाता है। ताकि फायर सीजन में जंगलों को आग लगने से बचाया जा सकेगा। फुंकान में वन दरोगा गजेंद्र सिंह गढ़िया भी मौजूद रहे।