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11 सूत्री मांगों के लिए चिकित्सकों ने किया प्रदर्शन
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बागेश्वर जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते डॉक्टर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। स्थानांतरण एक्ट के अनुसार तबादले करने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने 29 अगस्त तक बांह में काला फीता बांधकर कार्य करने का एलान किया है। मांग पूरी नहीं होने पर 30 अगस्त से ओपीडी सहित संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चिकित्सक स्थानांतरण एक्ट के तहत लंबे समय से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्र में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को सुगम में स्थानांतरित करने, दुर्गम क्षेत्रों में तैनात स्नातक डॉक्टरों के लिए वेतन का 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने, पीजी अध्ययनरत चिकित्सकों को पूर्व की तरह वेतन देने, यात्रा और मेला ड्यूटी में डॉक्टरों के रहने-खाने की समुचित व्यवस्था करने और टीए, डीए, एनएचएम की दरों पर एडवांस देने, दूरस्थ क्षेत्रों में लगने वाले शिविरों में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने को तत्काल बंद करने, सभी चिकित्सकों के लिए अनिवार्य प्रशासनिक व वित्तीय प्रशिक्षण कराने, कनिष्ठ चिकित्साधिकारियों को वरीयता देकर वरिष्ठता देनेे की परिपाटी को तत्काल बंद करने, दंत शल्यकों को रिक्त पदों पर समायोजित करने, संविदा पर चिकित्सकों की तैनाती तत्काल बंद करने आदि मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। अगर अब भी सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन ही विकल्प होगा। इस मौके पर डॉ. गिरिजा शंकर जोशी, डॉ. एसपी त्रिपाठी, डॉ. चंद्र मोहन सिंह भैसोड़ा, डॉ. राजीव उपाध्याया, डॉ. एलएस बृजवाल, डॉ. रीमा उपाध्याय, डॉ. नसीम अहमद, डॉ. गायत्री पांगती आदि मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चिकित्सक स्थानांतरण एक्ट के तहत लंबे समय से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्र में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को सुगम में स्थानांतरित करने, दुर्गम क्षेत्रों में तैनात स्नातक डॉक्टरों के लिए वेतन का 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने, पीजी अध्ययनरत चिकित्सकों को पूर्व की तरह वेतन देने, यात्रा और मेला ड्यूटी में डॉक्टरों के रहने-खाने की समुचित व्यवस्था करने और टीए, डीए, एनएचएम की दरों पर एडवांस देने, दूरस्थ क्षेत्रों में लगने वाले शिविरों में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने को तत्काल बंद करने, सभी चिकित्सकों के लिए अनिवार्य प्रशासनिक व वित्तीय प्रशिक्षण कराने, कनिष्ठ चिकित्साधिकारियों को वरीयता देकर वरिष्ठता देनेे की परिपाटी को तत्काल बंद करने, दंत शल्यकों को रिक्त पदों पर समायोजित करने, संविदा पर चिकित्सकों की तैनाती तत्काल बंद करने आदि मांग कर रहे हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। अगर अब भी सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन ही विकल्प होगा। इस मौके पर डॉ. गिरिजा शंकर जोशी, डॉ. एसपी त्रिपाठी, डॉ. चंद्र मोहन सिंह भैसोड़ा, डॉ. राजीव उपाध्याया, डॉ. एलएस बृजवाल, डॉ. रीमा उपाध्याय, डॉ. नसीम अहमद, डॉ. गायत्री पांगती आदि मौजूद रहे।
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