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Bageshwar News: लखमारा को हालात ने मारा....आज भी डोली ही सहारा

Thu, 28 Mar 2024 09:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Thu, 28 Mar 2024 09:56 PM IST
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Circumstances hit Lakhmara even today she is helpless.
कपकोट (बागेश्वर)।
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पड़ोसी जिले पिथौरागढ़ के लोग हवाई सेवा का लुत्फ उठा रहे हैं, लेकिन बागेश्वर जिले के कई इलाके आज भी ऐसे हैं, जहां के लोगों को सड़क तक पहुंचने के मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बीमार, असहाय लोगों को डोली के बैठाकर चार-पांच किमी पैदल चलकर लाना पड़ता है। कपकोट का एक ऐसा ही गांव है, लखमारा। चलकाना ग्राम पंचायत के लखमारा तोक के लोगों को आज तक एक अदद सड़क नसीब नहीं हो पाई। ग्राम पंचायत मुख्यालय चलकाना तक सड़क है, लेकिन वहां से चार किमी दूर लखमारा के लिए तमाम कोशिशों के बाद भी सड़क नहीं बन पाई। लखमारा के लोगों को सड़क तक जाने के लिए चलकाना चार किमी और गोलना गैरखेत पांच किमी पैदल जाना पड़ता है। चलकाना और गैरखेत सड़क पहुंचने के बाद भी लखमारा सड़क नहीं पहुंच पाई। बुधवार को दमा रोग से पीड़ित भूपाल सिंह (92) की तबीयत बिगड़ गई। गांव के लोगों को एकत्र कर बुजुर्ग को चार किमी डोली में ढोकर चलकाना तक पहुंचा। वहां से जिला अस्पताल ले जाया गया।

Iदर्द नहीं समझता कोईI
Iगांव के जीवन सिंह, करम सिंह, रमेश सिंह, दीवान सिंह, गंगा सिंह, मदन सिंह सड़क की सुविधा न मिलने पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि कई दशकों से लखमारा को सड़क से जोड़ने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकारी तंत्र लखमारा के लोगों की परेशानी को समझने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनावी बेला में भी सड़क की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। I
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