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सरकार ने नहीं सुनी पीड़ा तो बच्चों ने सड़क सुधारने का उठाया बीड़ा
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कपकोट के राकसी तोक में श्रमदान कर रास्ता सुधारते बच्चे।
- फोटो : BAGESHWAR
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कपकोट (बागेश्वर)। शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण राकसी तोक तक बनी सड़क लंबे समय से बदहाल है। कई बार मांग के बावजूद जब सड़क ठीक नहीं हुई तो व्यवस्था को आइना दिखाते हुए सड़क सुधारने का जिम्मा बच्चों ने उठा लिया।
मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत दूणी-सुकुंडा रोड से राकसी तोक तक बनी सड़क करीब तीन साल से खराब है। इसे सुधारने के लिए ग्रामीणों ने कई बार अफसरों को ज्ञापन दिए।
कुछ समय पहले तत्कालीन प्रशिक्षु आईएएस नरेंद्र भंडारी, एसडीएम रविंद्र बिष्ट और तहसीलदार विनोद वर्मा ने गांव आकर मौका मुआयना भी किया, लेकिन सड़क की हालत जस की तस रही। जब कुछ नहीं हुआ तो मंगलवार को गांव के बच्चे सड़क सुधारने का संकल्प लेकर काम में जुट गए। हालांकि बारिश के कारण उन्हें काम बीच में ही रोकना पड़ा। सभासद तनुज तिरुवा ने बताया कि इन बच्चों ने शासन, प्रशासन सहित उन नेताओं को आइना दिखाया जो सिर्फ वोट मांगने जाते समय ही इस गांव को याद करते हैं। सड़क सुधारने वालों में जीत तिरुवा, दिपांशु भारद्वाज, पंकज, भाष्कर, प्रियांशु, निरंजन, अतुल, विवेक, विशाल आदि बच्चों ने श्रमदान किया।
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मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत दूणी-सुकुंडा रोड से राकसी तोक तक बनी सड़क करीब तीन साल से खराब है। इसे सुधारने के लिए ग्रामीणों ने कई बार अफसरों को ज्ञापन दिए।
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कुछ समय पहले तत्कालीन प्रशिक्षु आईएएस नरेंद्र भंडारी, एसडीएम रविंद्र बिष्ट और तहसीलदार विनोद वर्मा ने गांव आकर मौका मुआयना भी किया, लेकिन सड़क की हालत जस की तस रही। जब कुछ नहीं हुआ तो मंगलवार को गांव के बच्चे सड़क सुधारने का संकल्प लेकर काम में जुट गए। हालांकि बारिश के कारण उन्हें काम बीच में ही रोकना पड़ा। सभासद तनुज तिरुवा ने बताया कि इन बच्चों ने शासन, प्रशासन सहित उन नेताओं को आइना दिखाया जो सिर्फ वोट मांगने जाते समय ही इस गांव को याद करते हैं। सड़क सुधारने वालों में जीत तिरुवा, दिपांशु भारद्वाज, पंकज, भाष्कर, प्रियांशु, निरंजन, अतुल, विवेक, विशाल आदि बच्चों ने श्रमदान किया।
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