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जिले में धूमधाम से मनाया गया यम द्वितीया का त्योहार
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अल्मोड़ा के खत्याड़ी में बहन निहारिका अपने भाई हार्दिक को च्यूड़े रखकर उनके दीर्घायु की कामना द?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व भाईदूज (यम द्वितीया) का त्योहार अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में धूमधाम से मनाया गया। भाइयों ने बहनों के घर जाकर उन्हें उपहार भेंट किए और लंबी उम्र का आशीर्वाद मांगा। घरों में भगवान को नए अनाज धान के च्यूड़े अर्पित किए गए। बुजुर्गों ने परिवार के लोगों के मस्तक पर च्यूड़े रखकर सुखमय जीवन की कामना की।
यम द्वितीया के त्योहार को लेेकर एक दिन पहले घरों में च्यूड़े कूटे गए थे। बृहस्पतिवार को सुबह से लोगों ने घरों में पूजा अर्चना की। भगवान को च्यूड़े अर्पित किए गए। परिवार की बुजुर्ग दादी, माताओं ने बच्चों समेत सभी परिवार वालों के सिर पर च्यूड़े रखे। घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाए गए।
आचार्य डॉ. रमेश चंद्र कांडपाल ने बताया कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व होने के साथ-साथ हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने को भी प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार यम द्वितीया त्योहार के दिन भगवान यमराज अपनी बहन यमुना के यहां भोजन करने गए थे। जिसके बाद से यह पर्व मनाया जाता है। इधर, गरुड़ तहसील में भी भाईदूज धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने अपने ईष्ट देव और गांव के भूमियाल मंदिर में च्यूड़े चढ़ाकर पूजा की।
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यम द्वितीया के त्योहार को लेेकर एक दिन पहले घरों में च्यूड़े कूटे गए थे। बृहस्पतिवार को सुबह से लोगों ने घरों में पूजा अर्चना की। भगवान को च्यूड़े अर्पित किए गए। परिवार की बुजुर्ग दादी, माताओं ने बच्चों समेत सभी परिवार वालों के सिर पर च्यूड़े रखे। घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाए गए।
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आचार्य डॉ. रमेश चंद्र कांडपाल ने बताया कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व होने के साथ-साथ हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने को भी प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार यम द्वितीया त्योहार के दिन भगवान यमराज अपनी बहन यमुना के यहां भोजन करने गए थे। जिसके बाद से यह पर्व मनाया जाता है। इधर, गरुड़ तहसील में भी भाईदूज धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने अपने ईष्ट देव और गांव के भूमियाल मंदिर में च्यूड़े चढ़ाकर पूजा की।

बागेश्वर के नदीगांव में बच्चों के मस्तक पर च्यूड़े रखती महिला। संवाद - फोटो : BAGESHWAR
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