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Bageshwar News: बीस सूत्री कार्यक्रम के क्रियान्वयन में बागेश्वर को दूसरा स्थान
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बागेश्वर। बीस सूत्री कार्यक्रम (बीसूका) के क्रियान्वयन में पहाड़ के दो छोटे जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सूची में जिले को दूसरा स्थान मिला है। तीन बिंदुओं को छोड़कर बाकी सब में जिले ने ए श्रेणी हासिल की। चंपावत जिला सूची में पहले और पौड़ी जिला अंतिम पायदान पर रहा।
बीसूका की राज्य स्तर पर प्रगति की जारी रैंकिंग में कुमाऊं से ऊधमसिंह नगर को तीसरा, नैनीताल को चौथा पिथौरागढ़ को छठा और अल्मोड़ा को 12वां स्थान मिला है। देहरादून को सातवां और हरिद्वार को 10वां स्थान प्राप्त हुआ है। चमोली पांचवे, देहरादून सातवे, रुद्रप्रयाग आठवें नंबर पर रहे। टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी को क्रमश: नवे से 11वां स्थान मिला है। सीडीओ आरसी तिवारी ने बताया कि बीसूका का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके तहत गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, ग्रामीण आवास, कृषि विकास और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। राज्य स्तरीय समिति और विभागीय निगरानी के माध्यम से विभिन्न सूचकांकों के आधार पर इन योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा, निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर गठित समिति प्रदेश के सभी जिलों की रैंकिंग तय करती है। पीएमजीएसवाई रोड कंस्ट्रक्शन, चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति और सीएम स्वरोजगार योजना में जिले को बी और बाकी सभी बिंदुओं में एक ग्रेड मिला। भविष्य में इनमें भी ए श्रेणी हासिल कर पहले नंबर पर आने का प्रयास किया जाएगा।
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बीसूका की राज्य स्तर पर प्रगति की जारी रैंकिंग में कुमाऊं से ऊधमसिंह नगर को तीसरा, नैनीताल को चौथा पिथौरागढ़ को छठा और अल्मोड़ा को 12वां स्थान मिला है। देहरादून को सातवां और हरिद्वार को 10वां स्थान प्राप्त हुआ है। चमोली पांचवे, देहरादून सातवे, रुद्रप्रयाग आठवें नंबर पर रहे। टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी को क्रमश: नवे से 11वां स्थान मिला है। सीडीओ आरसी तिवारी ने बताया कि बीसूका का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके तहत गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, ग्रामीण आवास, कृषि विकास और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। राज्य स्तरीय समिति और विभागीय निगरानी के माध्यम से विभिन्न सूचकांकों के आधार पर इन योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा, निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर गठित समिति प्रदेश के सभी जिलों की रैंकिंग तय करती है। पीएमजीएसवाई रोड कंस्ट्रक्शन, चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति और सीएम स्वरोजगार योजना में जिले को बी और बाकी सभी बिंदुओं में एक ग्रेड मिला। भविष्य में इनमें भी ए श्रेणी हासिल कर पहले नंबर पर आने का प्रयास किया जाएगा।
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