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शहरी गरीबों को आवास निर्माण के लिए अभी करना होगा इंतजार
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बागेश्वर। शहरी गरीबों को आवास निर्माण के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। पालिका को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अभी बजट प्राप्त नहीं हो सका है। जिसके कारण कई आवास अधूरे हैं। पालिका ने योजना में बजट देने की मांग शासन को भेज दी है।
नगरपालिका क्षेत्र में शहरी गरीबों के आवास समय पर बजट न मिलने के कारण अधूरे पड़े हैं। नगरपालिका क्षेत्र में 141 आवास बन रहे हैं। आवास निर्माण के लिए शासन से दो लाख रुपये दिए जाते हैं। नगरपालिका क्षेत्र में 2016-17, 2017-18 में शहरी गरीबों के लिए 141 आवास स्वीकृत हुए। पहली किस्त के तौर पर इन लोगों को 20-20 हजार रुपये दिए गए हैं। इस रकम से कई मकानों की नींव भी नहीं पड़ पाई है। कुछ लाभार्थियों को 60 हजार रुपये की दूसरी किस्त मिली है। धन न मिलने से मकान का काम अधूरा पड़ा हुआ है। घटबगड़ निवासी हेमा देवी ने आवास स्वीकृत होने पर पुराना मकान ध्वस्त कर नए मकान के लिए नींव खोद दी थी, लेकिन उन्हें अब तक दूसरी किस्त नहीं मिल पाई है। दुग बाजार निवासी ख्याली राम को 20 हजार रुपये की पहली किस्त मिली। जिसके बाद उन्होंने लोगों से कर्ज लेकर मकान में लिंटर डाला। पूरा भुगतान न होने से वह मकान का काम पूरा नहीं कर पाए हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजदेव जायसी ने कहा कि 141 आवासों में से कुछ को दूसरी किस्त आवंटित कर दी गई है। काम की प्रगति के हिसाब से किस्त का भुगतान किया जा रहा है। आवासों का 77 लाख रुपये शासन से नहीं मिला है। इस बार 176 आवास आवंटन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही धनराशि का आवंटन कर दिया जाएगा।
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नगरपालिका क्षेत्र में शहरी गरीबों के आवास समय पर बजट न मिलने के कारण अधूरे पड़े हैं। नगरपालिका क्षेत्र में 141 आवास बन रहे हैं। आवास निर्माण के लिए शासन से दो लाख रुपये दिए जाते हैं। नगरपालिका क्षेत्र में 2016-17, 2017-18 में शहरी गरीबों के लिए 141 आवास स्वीकृत हुए। पहली किस्त के तौर पर इन लोगों को 20-20 हजार रुपये दिए गए हैं। इस रकम से कई मकानों की नींव भी नहीं पड़ पाई है। कुछ लाभार्थियों को 60 हजार रुपये की दूसरी किस्त मिली है। धन न मिलने से मकान का काम अधूरा पड़ा हुआ है। घटबगड़ निवासी हेमा देवी ने आवास स्वीकृत होने पर पुराना मकान ध्वस्त कर नए मकान के लिए नींव खोद दी थी, लेकिन उन्हें अब तक दूसरी किस्त नहीं मिल पाई है। दुग बाजार निवासी ख्याली राम को 20 हजार रुपये की पहली किस्त मिली। जिसके बाद उन्होंने लोगों से कर्ज लेकर मकान में लिंटर डाला। पूरा भुगतान न होने से वह मकान का काम पूरा नहीं कर पाए हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजदेव जायसी ने कहा कि 141 आवासों में से कुछ को दूसरी किस्त आवंटित कर दी गई है। काम की प्रगति के हिसाब से किस्त का भुगतान किया जा रहा है। आवासों का 77 लाख रुपये शासन से नहीं मिला है। इस बार 176 आवास आवंटन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही धनराशि का आवंटन कर दिया जाएगा।
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