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जिले की 20 ग्राम पंचायतें हुई कंप्यूटराइज्ड
Bageshwar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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बागेश्वर। सरकार ने राजीव गांधी पंचायती सशक्तिकरण अभियान के तहत जिले की 20 ग्राम पंचायतों को कंप्यूटराइज्ड कर दिया है। पंचायत भवन में लगे कंप्यूटरों पर ग्राम पंचायतों के रिकार्ड फीड होने लगे हैं। लोगाें का विश्वास है कि कंप्यूटरों के जरिए पंचायतों के रिकार्ड सुरक्षित रहेंगे। पंचायतों के शीघ्र आनलाइन होने पर क्लिक करते ही सारी सूचनाएं मिलने लगेंगी।
इस योजना के तहत बागेश्वर ब्लाक के भंडारीगांव, खौलशीर, अनर्सा, चौंरा, बहुली, गरुड़ ब्लाक के स्याल्दे टीट, तैलीहाट, वज्यूला, जखेड़ा, छटिया, गलई, लौबांज, रतौड़ा, भिलकोट, सिमरखेत, कपकोट ब्लाक के चीराबगड़, रैथल, सुरकालीगांव, उडियार, सिमगढ़ी ग्राम पंचायत को कंप्यूटराइज्ड करा दिया है। पंचायत भवनों में राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धन से बिजली फिटिंग कराई गई है। कंप्यूटरों में पंचायतों के रिकार्ड समेत सारी गतिविधियां फीड होने लगी हैं। जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि पंचायतों में कंप्यूटर लगाने की सूचना निदेशालय को भेज दी गई है। उन्हाेंने बताया कि जो पंचायतें कंप्यूटराइज्ड हुई हैं, उनकी सूचनाएं शीघ्र ही आनलाइन मिलने लगेंगी। कंप्यूटरों को चलाने के लिए अतिरिक्त आपरेटर तैनात करने का फिलहाल प्रावधान नहीं है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ही कंप्यूटरों का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 416 ग्राम पंचायतें हैं। शासन के निर्देश पर ही शेष ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर लगेंगे।
प्रधानों ने उठाई कंप्यूटराइज्ड कराने की मांग
कंप्यूटरीकरण से वंचित ग्राम पंचायताें के प्रधानों ने उनके गांवों में निर्मित पंचायत भवनों को भी कंप्यूटराइज्ड कराने की मांग की है। प्रधानों ने कहा कि वर्षों पूर्व बने परिवार रजिस्टर जीर्णशीर्ण हो चुके हैं। कई पुराने रिकार्डों को दीमक ने चट कर दिया है। पुरानी योजनाओं के दस्तावेजों का ठीक से रख रखाव भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि रिकार्डों को सुव्यवस्थित तरीके से रखने की ठोस व्यवस्था न होने के कारण पंचायत रिकार्ड के भविष्य पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
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इस योजना के तहत बागेश्वर ब्लाक के भंडारीगांव, खौलशीर, अनर्सा, चौंरा, बहुली, गरुड़ ब्लाक के स्याल्दे टीट, तैलीहाट, वज्यूला, जखेड़ा, छटिया, गलई, लौबांज, रतौड़ा, भिलकोट, सिमरखेत, कपकोट ब्लाक के चीराबगड़, रैथल, सुरकालीगांव, उडियार, सिमगढ़ी ग्राम पंचायत को कंप्यूटराइज्ड करा दिया है। पंचायत भवनों में राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धन से बिजली फिटिंग कराई गई है। कंप्यूटरों में पंचायतों के रिकार्ड समेत सारी गतिविधियां फीड होने लगी हैं। जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि पंचायतों में कंप्यूटर लगाने की सूचना निदेशालय को भेज दी गई है। उन्हाेंने बताया कि जो पंचायतें कंप्यूटराइज्ड हुई हैं, उनकी सूचनाएं शीघ्र ही आनलाइन मिलने लगेंगी। कंप्यूटरों को चलाने के लिए अतिरिक्त आपरेटर तैनात करने का फिलहाल प्रावधान नहीं है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ही कंप्यूटरों का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 416 ग्राम पंचायतें हैं। शासन के निर्देश पर ही शेष ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर लगेंगे।
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प्रधानों ने उठाई कंप्यूटराइज्ड कराने की मांग
कंप्यूटरीकरण से वंचित ग्राम पंचायताें के प्रधानों ने उनके गांवों में निर्मित पंचायत भवनों को भी कंप्यूटराइज्ड कराने की मांग की है। प्रधानों ने कहा कि वर्षों पूर्व बने परिवार रजिस्टर जीर्णशीर्ण हो चुके हैं। कई पुराने रिकार्डों को दीमक ने चट कर दिया है। पुरानी योजनाओं के दस्तावेजों का ठीक से रख रखाव भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि रिकार्डों को सुव्यवस्थित तरीके से रखने की ठोस व्यवस्था न होने के कारण पंचायत रिकार्ड के भविष्य पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
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