{"_id":"66c8e70c7d4e087d2e083803","slug":"85-cattle-farmers-have-taken-benefit-of-boiler-scheme-in-two-years-bageshwar-news-c-231-1-shld1001-109038-2024-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: दो वर्ष में 85 पशुपालक ले चुके बॉयलर योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: दो वर्ष में 85 पशुपालक ले चुके बॉयलर योजना का लाभ
Sat, 24 Aug 2024 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 24 Aug 2024 01:16 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिला पशुपालन विभाग में मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए बॉयलर फार्म योजना संचालित की जा रही है। योजना में चूजे खरीदने और फार्म बनाने के लिए विभाग की ओर से आवेदक को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
विभाग को वर्ष 2024-25 के लिए 80 आवेदनों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इससे पहले बीते दो वर्षों में विभाग को 93 आवेदनों का लक्ष्य मिला था। इसमें से विभाग ने 85 को लाभान्वित कर दिया है। अन्य आठ आवेदनों की प्रकिया गतिमान है।
योजना के तहत मुर्गी के 500 चूजों की एक यूनिट बनती है। प्रति यूनिट के अनुसार आवेदक को 7500 रुपया दिया जाता है। पशुपालक अधिकतम छह चरणों में छह यूनिट का निर्माण कर सकता है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में उसे 60,000 का भुगतान किया जाता है। इसमें 45,000 चूजों की यूनिट खरीदने के लिए और 15,000 बाड़ा निर्माण के लिए दिया जाता है।
विज्ञापन
आवेदक को पहले चरण में 7500 का चेक चूजे खरीदने के लिए दिया जाएगा और बाड़ा निर्माण के लिए 15000 दिए जाएंगे, जिससे बॉयलर फार्म शुरू किया जा सकता है। वर्तमान में जिले के पशुपालक योजना का लाभ ले रहे हैं।
डॉ. डीके चंद, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बागेश्वर ने बताया कि बाॅयलर फार्म योजना के तहत पशुपालकों को मुर्गी पालन के लिए प्रेरित किया जाता है। बाॅयलर फार्म स्थापित करने के लिए निर्धारित बजट विभाग की ओर से दिया जाता है। जिले के पशुपालक योजना के प्रति जागरूक होकर योजना का लाभ ले रहे हैं।
विज्ञापन
विभाग को वर्ष 2024-25 के लिए 80 आवेदनों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इससे पहले बीते दो वर्षों में विभाग को 93 आवेदनों का लक्ष्य मिला था। इसमें से विभाग ने 85 को लाभान्वित कर दिया है। अन्य आठ आवेदनों की प्रकिया गतिमान है।
विज्ञापन
योजना के तहत मुर्गी के 500 चूजों की एक यूनिट बनती है। प्रति यूनिट के अनुसार आवेदक को 7500 रुपया दिया जाता है। पशुपालक अधिकतम छह चरणों में छह यूनिट का निर्माण कर सकता है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में उसे 60,000 का भुगतान किया जाता है। इसमें 45,000 चूजों की यूनिट खरीदने के लिए और 15,000 बाड़ा निर्माण के लिए दिया जाता है।
विज्ञापन
आवेदक को पहले चरण में 7500 का चेक चूजे खरीदने के लिए दिया जाएगा और बाड़ा निर्माण के लिए 15000 दिए जाएंगे, जिससे बॉयलर फार्म शुरू किया जा सकता है। वर्तमान में जिले के पशुपालक योजना का लाभ ले रहे हैं।
डॉ. डीके चंद, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बागेश्वर ने बताया कि बाॅयलर फार्म योजना के तहत पशुपालकों को मुर्गी पालन के लिए प्रेरित किया जाता है। बाॅयलर फार्म स्थापित करने के लिए निर्धारित बजट विभाग की ओर से दिया जाता है। जिले के पशुपालक योजना के प्रति जागरूक होकर योजना का लाभ ले रहे हैं।