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स्वीकृति के सात साल बाद भी शुरू नहीं हुआ सड़क का निर्माण
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:49 PM IST
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धरमघर (बागेश्वर)। धरमघर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लमझिंगड़ा के छिपचिया-मझेड़ा सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृति के सात साल बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्हाेंने शीघ्र सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
छिपचिया-मझेड़ा सड़क के प्रस्ताव को पास हुए सात साल बीत गए, लेकिन सड़क आज तक नहीं बन पाई है। सड़क निर्माण संबंधी फाइलें विभागों में चक्कर काट रही हैं। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को चार किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बच्चों सहित ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
डीएम को भेजे ज्ञापन में होशियार सिंह मेहरा और अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि गांव के लिए सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2010 में जिला योजना में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सड़क के निर्माण को लेेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पूरे क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने डीएम से सड़क निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के बाध्य होना पड़ेगा। इधर लोक निर्माण विभाग कपकोट के अधिशासी अभियंता संजय कुमार पांडेय ने बताया कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए फाइल वन विभाग को भेजी गई है। एनओसी मिलने के बाद ही सड़क निर्माण के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
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छिपचिया-मझेड़ा सड़क के प्रस्ताव को पास हुए सात साल बीत गए, लेकिन सड़क आज तक नहीं बन पाई है। सड़क निर्माण संबंधी फाइलें विभागों में चक्कर काट रही हैं। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को चार किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बच्चों सहित ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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डीएम को भेजे ज्ञापन में होशियार सिंह मेहरा और अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि गांव के लिए सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2010 में जिला योजना में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सड़क के निर्माण को लेेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पूरे क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने डीएम से सड़क निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के बाध्य होना पड़ेगा। इधर लोक निर्माण विभाग कपकोट के अधिशासी अभियंता संजय कुमार पांडेय ने बताया कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए फाइल वन विभाग को भेजी गई है। एनओसी मिलने के बाद ही सड़क निर्माण के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।