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सेनेटरी नेपकिन पैड का उत्पादन बनेगा महिलाओं के रोजगार का जरिया
Updated Wed, 14 Feb 2018 11:52 PM IST
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बागेश्वर। चाहरदीवारी में सिमट कर रहने वाली महिलाओं ने जिला मुख्यालय में रोजगार का नया साधन तलाश लिया है। अब जिला मुख्यालय की महिलाएं सेनेटरी पैड का उत्पादन कर अपनी अर्थ व्यवस्था को मजबूत करेंगी। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह के सहयोग से स्थापित सेनेटरी पैड उत्पादन प्रोजेक्ट से कारोबार शुरू भी कर दिया है। इसके लिए बाकायदा महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है।
स्वयं सहायता समूह सैंज के सहयोग से सरस केंद्र में महिलाओं ने सेनेटरी पैड बनाने की मशीनें स्थापित की हैं। 3.38 लाख की लागत से लगाए गए इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 1,200 सेनेटरी नेपकिन का उत्पादन हो सकेगा। महिलाओं ने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
आंगनबाड़ी और स्कूलों के माध्यम से होगा वितरण
जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। स्वयं सहायता समूहों, हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि सात पैड के पैकेट की कीमत न्यूनतम 15 रुपये रखने पर विचार किया जा रहा है।
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पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें : डीएम
जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने बुधवार को सरस केंद्र में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित प्रोजेक्ट और विपणन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों की जानकारी भी ली। उन्होंने कच्चे माल की लागत और मेहनत का आंकलन कर सेनेटरी पैड की विपणन दर निर्धारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें, ताकि अच्छी मार्केटिंग हो सके। उन्होंने कहा कि प्रयास सफल होने पर गरुड़ और कपकोट में भी प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सीडीओ एसएसएस पांगती, प्रशिक्षु एसडीएम नेहा मीणा, सीएमओ डॉ. बसंत आदि मौजूद रहे।
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स्वयं सहायता समूह सैंज के सहयोग से सरस केंद्र में महिलाओं ने सेनेटरी पैड बनाने की मशीनें स्थापित की हैं। 3.38 लाख की लागत से लगाए गए इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 1,200 सेनेटरी नेपकिन का उत्पादन हो सकेगा। महिलाओं ने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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आंगनबाड़ी और स्कूलों के माध्यम से होगा वितरण
जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। स्वयं सहायता समूहों, हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि सात पैड के पैकेट की कीमत न्यूनतम 15 रुपये रखने पर विचार किया जा रहा है।
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पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें : डीएम
जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने बुधवार को सरस केंद्र में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित प्रोजेक्ट और विपणन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों की जानकारी भी ली। उन्होंने कच्चे माल की लागत और मेहनत का आंकलन कर सेनेटरी पैड की विपणन दर निर्धारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें, ताकि अच्छी मार्केटिंग हो सके। उन्होंने कहा कि प्रयास सफल होने पर गरुड़ और कपकोट में भी प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सीडीओ एसएसएस पांगती, प्रशिक्षु एसडीएम नेहा मीणा, सीएमओ डॉ. बसंत आदि मौजूद रहे।