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ओलावृष्टि बारिश से अरमानों पर फिरा पानी
ब्यूरो/अमरउजाला अमरोहा
Updated Sun, 13 Mar 2016 01:16 AM IST
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गजरौला में शनिवार की सुबह हुई बारिश का नजारा।
- फोटो : amar ujala
पहले से समस्याओं से जूझ रहे किसानों से प्रकृति भी रूठ सी गई है। पिछले साल गेहूं की फसल बर्बाद होने के सदमे से किसान उबर भी न पाए थे कि एक बार फिर प्रकृति का कोप सहना पड़ा। शुक्रवार रात मौसम ने फिर करवट ली, अगले दिन सुबह तो झमाझम बारिश हुई। कैलसा क्षेत्र के आस-पास के गांवों में तो ओलावृष्टि भी हुई। इससे उपज से अपनी आर्थिक परेशानियों को दूर करने की उम्मीद पाले बैठे किसानों के अरमानाें पर पानी फिर गया। गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। सरसों, मटर की फसल को भी क्षति पहुंची है।
शुक्रवार रात्रि से अचानक मौसम बदल गया, बारिश शुरू हो गई। शनिवार की सुबह दस बजे तक क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। बारिश के साथ कड़क रही बिजली ने किसानों के होश उड़ा दिए थे। इस दौरान तेज हवा भी चली, कैलसा क्षेत्र के आस-पास के गांवों में तो ओलावृष्टि भी हुई है। करीब दस मिनट तक बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल जहां बिछ गई है तो तमाम किसानों की सरसों की फलियों पर ओले लगने से दाने झड़ गए। किसानों का कहना है कि, बिछी फसल के दाने पतले हो जाएंगे। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
किसान उठाएंगे क्षतिपूर्ति की आवाज
किसान नेता चौधरी दिवाकर सिंह ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र में गेहूं उत्पादक किसानों को नुकसान पहुंचा है। सरसों मटर और अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए आवाज उठाई जाएगी। किसान नेता चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि, इस संबंध में मांग करेंगे।
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जिला कृषि अधिकारी चरन सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं की पछैती फसल को लाभ हुआ है, वहीं हवा के कारण कुछ क्षेत्र में अगैती फसल के गिरने की सूचना मिली है। कुछ स्थानों पर सरसों की फसल भी हवा से झूल गई है। क्षेत्र का दौरा कर फसल क्षति का जायजा लिया जाएगा।
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शुक्रवार रात्रि से अचानक मौसम बदल गया, बारिश शुरू हो गई। शनिवार की सुबह दस बजे तक क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। बारिश के साथ कड़क रही बिजली ने किसानों के होश उड़ा दिए थे। इस दौरान तेज हवा भी चली, कैलसा क्षेत्र के आस-पास के गांवों में तो ओलावृष्टि भी हुई है। करीब दस मिनट तक बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल जहां बिछ गई है तो तमाम किसानों की सरसों की फलियों पर ओले लगने से दाने झड़ गए। किसानों का कहना है कि, बिछी फसल के दाने पतले हो जाएंगे। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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किसान उठाएंगे क्षतिपूर्ति की आवाज
किसान नेता चौधरी दिवाकर सिंह ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र में गेहूं उत्पादक किसानों को नुकसान पहुंचा है। सरसों मटर और अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए आवाज उठाई जाएगी। किसान नेता चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि, इस संबंध में मांग करेंगे।
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जिला कृषि अधिकारी चरन सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं की पछैती फसल को लाभ हुआ है, वहीं हवा के कारण कुछ क्षेत्र में अगैती फसल के गिरने की सूचना मिली है। कुछ स्थानों पर सरसों की फसल भी हवा से झूल गई है। क्षेत्र का दौरा कर फसल क्षति का जायजा लिया जाएगा।