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रोजगार के अवसर बढ़े तभी रुकेगा पहाड़ से युवाओं का पलायन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Fri, 27 May 2016 12:17 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 96.8 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले सिंगोली गांव निवासी प्रभाकर परमार का कहना है कि निरंतर बढ़ रहे पलायन ने पर्वतीय अंचल के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्र की समृद्धि की अवधारणा को लेकर ही पृथक उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना की गई थी, युवाओं का निरंतर पलायन हो रहा है, इसके पीछे रोजगार का अभाव है।
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यदि सरकारों ने पिछले 16 सालों में लघु उद्योग भी लगाए होते तो यह नौबत नहीं आते, भारी संख्या में पढ़े लिखे युवा बेरोजगार नहीं घूमते। सरकार को रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा वह शर्मनाक था। पूरे देश में उत्तराखंड की बदनामी हुई है, चुनी हुई सरकारों कार्य करनेदेना चाहिए, यदि कार्य बुरा होगा तो जनता सबक सिखाएगी।
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उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। नकारात्मक सोच में भी सकारात्मकता होती है, बस इसे पहचानने की जरूरत है। वह राजनीति के क्षेत्र में जाने के बजाए भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर सेवा करना चाहते हैं, फिलहाल उनका पूरा ध्यान इंटरमीडिएट परीक्षा सर्वोच्च अंकों से पास करने पर है।
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