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महिलाओं के नाम आवंटित हुईं चार दुकानें
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा
Updated Thu, 16 Apr 2015 12:01 AM IST
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जिले में स्थित देशी, विदेशी शराब की 43 और बियर की एक दुकान में से 33 दुकानों का लॉटरी से आवंटन हुआ। शेष 11 दुकानों के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं भरा था। बुधवार को आवंटित की गई दुकानों से सरकार को 39,72,88,460 रुपए का राजस्व मिलेगा। आबकारी विभाग ने सभी 44 दुकानों से इस साल 59,53,88,634 रुपए राजस्व कमाने का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले साल की तुलना में करीब 2.88 करोड़ अधिक है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले में स्थित देशी शराब की 17, विदेशी मदिरा की 15 और एकमात्र बियर की दुकान का लॉटरी से आवंटन हुआ। इन दुकानों के लिए 1383 आवेदन मिले थे। इनमें 214 महिलाएं शामिल थीं। आज हुई लॉटरी में दुकान पाने वालों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। शराब की दुकान पाने को धौलछीना की अंग्रजी शराब की दुकान के लिए सर्वाधिक 218 लोगों ने आवेदन किया था। देशी और विदेशी मदिरा की आठ दुकानों के लिए एक-एक ही आवेदन जमा हुए थे। इन दुकानों का बगैर लॉटरी के ही आवंटन हुआ।
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, पुलिस अधीक्षक केएस नगन्याल, एडीएम प्रकाश चंद्र, एसडीएम अनिल चन्याल, आबकारी अधिकारी संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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जिले की आठ देशी और विदेशी मदिरा की तीन दुकानों के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया। आबकारी विभाग ने इन 11 दुकानों के लिए 19,81,50174 रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इन दुकानों में शराब की बिक्री काफी कम है जबकि आबकारी विभाग ने अधिभार पिछले साल की अपेक्षा बढ़ा दिया है। आबकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इन 11 दुकानों के लिए 16 अप्रैल दो बजे तक आवेदन मांगे गए हैं। इनमें देशी मदिरा की शहरफाटक, मजखाली, अल्मोड़ा-द्वितीय, मौलेखाल, द्वाराहाट, गनाई, रानीखेत, भतरौंजखान और विदेशी मदिरा की देघाट, अल्मोड़ा-द्वितीय, बाड़ेछीना दुकान शामिल हैं। एक से अधिक आवेदन मिलने की स्थिति में इसी दिन चार बजे से लॉटरी निकाल कर दुकानें आवंटित की जाएंगी।
शराब की दुकानों की लॉटरी से आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी करवाई। लॉटरी निकालने से पहले हर आवेदक की पर्ची को कैमरे के जरिए प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। इसके बाद लॉटरी निकलवाई और फिर आवंटी का नाम प्रोजेक्टर पर दिखाया जाता रहा।
कई लोगों ने दुकान पाने को अलग-अलग दुकानों के लिए आवेदन किए थे। नियमानुसार एक व्यक्ति को एक ही दुकान दी जा सकती है। कुछ आवंटियों की दुकान निकल जाने के बाद अन्य दुकानों के लिए उनके द्वारा किए गए आवेदन को लॉटरी में शामिल नहीं किया गया। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि दुकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता और सर्तकता बरती गई, ताकि शासन के निर्देशानुसार प्रक्रिया हो सके।
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बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले में स्थित देशी शराब की 17, विदेशी मदिरा की 15 और एकमात्र बियर की दुकान का लॉटरी से आवंटन हुआ। इन दुकानों के लिए 1383 आवेदन मिले थे। इनमें 214 महिलाएं शामिल थीं। आज हुई लॉटरी में दुकान पाने वालों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। शराब की दुकान पाने को धौलछीना की अंग्रजी शराब की दुकान के लिए सर्वाधिक 218 लोगों ने आवेदन किया था। देशी और विदेशी मदिरा की आठ दुकानों के लिए एक-एक ही आवेदन जमा हुए थे। इन दुकानों का बगैर लॉटरी के ही आवंटन हुआ।
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लॉटरी प्रक्रिया के दौरान जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, पुलिस अधीक्षक केएस नगन्याल, एडीएम प्रकाश चंद्र, एसडीएम अनिल चन्याल, आबकारी अधिकारी संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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जिले की आठ देशी और विदेशी मदिरा की तीन दुकानों के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया। आबकारी विभाग ने इन 11 दुकानों के लिए 19,81,50174 रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इन दुकानों में शराब की बिक्री काफी कम है जबकि आबकारी विभाग ने अधिभार पिछले साल की अपेक्षा बढ़ा दिया है। आबकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इन 11 दुकानों के लिए 16 अप्रैल दो बजे तक आवेदन मांगे गए हैं। इनमें देशी मदिरा की शहरफाटक, मजखाली, अल्मोड़ा-द्वितीय, मौलेखाल, द्वाराहाट, गनाई, रानीखेत, भतरौंजखान और विदेशी मदिरा की देघाट, अल्मोड़ा-द्वितीय, बाड़ेछीना दुकान शामिल हैं। एक से अधिक आवेदन मिलने की स्थिति में इसी दिन चार बजे से लॉटरी निकाल कर दुकानें आवंटित की जाएंगी।
शराब की दुकानों की लॉटरी से आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी करवाई। लॉटरी निकालने से पहले हर आवेदक की पर्ची को कैमरे के जरिए प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। इसके बाद लॉटरी निकलवाई और फिर आवंटी का नाम प्रोजेक्टर पर दिखाया जाता रहा।
कई लोगों ने दुकान पाने को अलग-अलग दुकानों के लिए आवेदन किए थे। नियमानुसार एक व्यक्ति को एक ही दुकान दी जा सकती है। कुछ आवंटियों की दुकान निकल जाने के बाद अन्य दुकानों के लिए उनके द्वारा किए गए आवेदन को लॉटरी में शामिल नहीं किया गया। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि दुकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता और सर्तकता बरती गई, ताकि शासन के निर्देशानुसार प्रक्रिया हो सके।